सिरमौर नाहन में तेंदुए ने फार्म पर हमला किया, गद्दी कुत्तों ने भेड़-बकरियों की सुरक्षा की
सिरमौर नाहन में तेंदुए ने फार्म पर हमला किया, गद्दी कुत्तों ने भेड़-बकरियों की सुरक्षा की

Post by : Himachal Bureau

Feb. 25, 2026 6:07 p.m. 128

सिरमौर जिले के नाहन में एक हैरान कर देने वाला और रोमांचक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, नाहन के सतीवाला इलाके में स्थित एक भेड़-बकरी फार्म में रात के समय अचानक एक तेंदुआ घुस गया। इस घटना ने फार्म के मालिकों तथा आसपास के क्षेत्रवासियों को गहरी चिंता में डाल दिया।

रात के समय जब तेंदुआ फार्म में घुसा, तब वहां रखे गए गद्दी कुत्तों के झुंड ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उसे घेर लिया। ये कुत्ते पश्चिमी हिमालयी इलाकों में पाए जाने वाले बड़े और मजबूत पहाड़ी कुत्ते होते हैं, जिन्हें खासतौर पर भेड़-बकरियों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। गद्दी कुत्तों की इस बहादुरी के कारण तेंदुआ फार्म के खुले हिस्से में नहीं जा सका और भेड़-बकरियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

बताया जा रहा है कि गद्दी कुत्तों ने पूरे समय तेंदुए का ध्यान अपनी ओर खींचे रखा, जिससे फार्म में मौजूद जानवर सुरक्षित रहे। गद्दी कुत्ते न केवल फार्म में रखे गए जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि यह जंगली जानवरों से भी उनका मुकाबला करने में सक्षम होते हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर में स्थानीय चरवाहे इन कुत्तों का उपयोग अक्सर भेड़-बकरियों और अन्य पशुधन की रक्षा के लिए करते हैं।

सुबह होते ही जब फार्म का गेट खोला गया, तो तेंदुआ फार्म के भीतर छिपा हुआ था। जैसे ही दो लोग – संग्राम और नीरज – फार्म के अंदर गए, तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले से अफरा-तफरी मच गई और फार्म के भीतर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, गद्दी कुत्तों ने बहादुरी दिखाई और तेंदुए का ध्यान अपनी ओर खींचकर लोगों को उसकी पकड़ से बचा लिया। इस हमले में फार्म के मालिकों को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।

तेंदुआ बचने के लिए पास में बने पतले नाले की पुलिया के पाइप में छिप गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने तेंदुए को काबू में करने के लिए डार्ट गन का इस्तेमाल किया और उसे सुरक्षित रूप से बेहोश कर लिया। इसके बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों और फार्म के मालिकों ने गद्दी कुत्तों की बहादुरी की सराहना की और कहा कि इन कुत्तों की सतर्कता और प्रशिक्षण ने उनके जानवरों और स्वयं लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। वन विभाग ने भी तेंदुए को सुरक्षित लौटाने की कार्रवाई को सफल बताया और स्थानीय समुदाय को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गद्दी कुत्तों की बहादुरी और तेंदुए की छिपने की स्थिति साफ दिखाई दे रही है। इस घटना ने साबित कर दिया कि हिमालयी क्षेत्रों में गद्दी कुत्तों का महत्व अत्यधिक है और वे जंगली जानवरों के खतरों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समग्र रूप से यह घटना न केवल रोमांचक थी, बल्कि इसमें यह भी संदेश छिपा है कि सही प्रशिक्षण और सतर्कता से जंगली जानवरों के हमलों से लोगों और पशुधन की सुरक्षा की जा सकती है। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने भी समुदाय को सतर्क रहने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में ऐसे खतरनाक घटनाओं से बचा जा सके।

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