भारत–यूरोपीय संघ संसदीय मैत्री समूह के ग्रुप लीडर बने अनुराग सिंह ठाकुर, संसदीय कूटनीति को मिलेगी नई दिशा
भारत–यूरोपीय संघ संसदीय मैत्री समूह के ग्रुप लीडर बने अनुराग सिंह ठाकुर, संसदीय कूटनीति को मिलेगी नई दिशा

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 25, 2026 11:43 a.m. 660

पूर्व केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को ब्रसेल्स स्थित संसदीय मैत्री समूह के अंतर्गत भारत–यूरोपीय संघ संसद समूह का ग्रुप लीडर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति भारतीय संसदीय कूटनीति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उनकी यह जिम्मेदारी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहभागिता को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। इस नियुक्ति से भारत और यूरोपीय संघ के बीच संसदीय स्तर पर संवाद और सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

भाजपा जिला हमीरपुर के मीडिया प्रभारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की नई पहल के तहत की गई है। इस पहल के अंतर्गत भारत ने 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों के गठन की प्रक्रिया शुरू की है। इन समूहों का उद्देश्य सांसदों को विश्व के विभिन्न देशों के अपने समकक्ष सांसदों के साथ सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना है। इसके माध्यम से विधायी अनुभवों का आदान-प्रदान, संसदीय परंपराओं की समझ तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। यह पहल भारत की सक्रिय और सकारात्मक संसदीय कूटनीति का प्रतीक मानी जा रही है।

भारत–यूरोपीय संघ संसदीय मैत्री तंत्र के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच नियमित संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ भारत के संबंध पहले से ही व्यापार, शिक्षा, तकनीक, पर्यावरण और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत हैं। अब संसदीय स्तर पर संवाद बढ़ने से इन संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना है। संसदीय कूटनीति का अर्थ केवल राजनीतिक चर्चा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, विधायी अनुभवों और नीतिगत समझ का आदान-प्रदान भी है। अनुराग सिंह ठाकुर की नियुक्ति से इन प्रयासों को नया बल मिलेगा।

भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर साझेदारी निभा रहे हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद विरोध, व्यापार संतुलन, तकनीकी नवाचार और सतत विकास प्रमुख हैं। संसदीय मैत्री समूह के माध्यम से इन विषयों पर गहन चर्चा और समन्वय संभव होगा। इससे न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी भारत की आवाज और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की जा सकेगी। भारत की विदेश नीति में संसदीय सहभागिता को एक महत्वपूर्ण आयाम माना जा रहा है, और इस दिशा में यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के पश्चात मई 2025 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान के दौरान अनुराग सिंह ठाकुर ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। वह सुप्रिया सुले के नेतृत्व में गए बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे। इस प्रतिनिधिमंडल ने कतर, साउथ अफ्रीका, इथियोपिया और मिस्र का दौरा किया था। दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की स्पष्ट और एकजुट नीति से वहां की सरकारों, संसदों और थिंक-टैंकों को अवगत कराया। इसके साथ ही भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ भी संवाद स्थापित किया गया। इस अभियान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति को रेखांकित किया।

भारत–यूरोपीय संघ संसदीय मैत्री समूह के ग्रुप लीडर के रूप में अनुराग सिंह ठाकुर की नियुक्ति को उनकी सक्रिय और प्रभावी भूमिका की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारत की संसदीय छवि अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक सुदृढ़ होगी। संसदीय कूटनीति के माध्यम से भारत लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शी शासन व्यवस्था के अपने अनुभवों को साझा कर सकेगा। साथ ही अन्य देशों के अनुभवों से भी सीखने का अवसर मिलेगा।

यह नियुक्ति भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। संसदीय स्तर पर नियमित संवाद से आपसी विश्वास बढ़ेगा और सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। इससे व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिवेश में बदलते राजनीतिक और आर्थिक समीकरणों के बीच इस प्रकार की संसदीय पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हमीरपुर क्षेत्र में इस नियुक्ति को लेकर खुशी का माहौल है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया है। उनका कहना है कि यह नियुक्ति न केवल सांसद की उपलब्धि है, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए सम्मान की बात है। इससे हिमाचल प्रदेश का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक उजागर होगा।

इस प्रकार अनुराग सिंह ठाकुर की भारत–यूरोपीय संघ संसदीय मैत्री समूह के ग्रुप लीडर के रूप में नियुक्ति भारतीय संसदीय कूटनीति को नई मजबूती देने वाला कदम साबित होगी। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, वैश्विक संवाद और लोकतांत्रिक सहयोग को एक नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।

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