शिमला क्षेत्र में स्कूल बसें बंद, विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी परेशानी
शिमला क्षेत्र में स्कूल बसें बंद, विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी परेशानी

Author : Man Singh

March 11, 2026 12:27 p.m. 156

शिमला मंडल में स्कूल बस और नेरी बस सेवा बंद होने के कारण विद्यार्थियों और अध्यापकों को इन दिनों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) हर वर्ष इसी तरह की समस्या खड़ी कर देता है। जैसे ही स्कूलों का दूसरा सत्र शुरू होता है, ममलीग और नेरी रूट पर चलने वाली बसों को बंद कर दिया जाता है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों और अध्यापकों के लिए स्कूल तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है।

स्थानीय अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यह समस्या हर साल सामने आती है। पहले भी कई बार इन बसों को बंद कर दिया गया था और बाद में काफी प्रयासों के बाद इन्हें दोबारा शुरू करवाना पड़ा। इस बार भी वही स्थिति बनी हुई है। HRTC द्वारा बस सेवा बंद किए जाने के बाद विद्यार्थियों, अभिभावकों, अध्यापकों और पंचायत प्रतिनिधियों को मिलकर कई बार अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता है, तब जाकर कहीं बसों का संचालन दोबारा शुरू होता है।

बताया जा रहा है कि शिमला से हमलीग तक चलने वाली स्कूल बस का रूट कई महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों से होकर गुजरता है। इस रूट पर गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल टूटू, प्राइमरी स्कूल बडेहरी, जाठिया देवी, रामपुर, सीनियर सेकेंडरी स्कूल जुब्बड़हट्टी, हाई स्कूल चनोग शाल, मिडिल स्कूल चनोग और जिला सोलन के प्राइमरी स्कूल कांशी पटा सहित सीनियर सेकेंडरी स्कूल ममलीग जैसे कई स्कूल आते हैं। इन सभी स्कूलों के विद्यार्थी और अध्यापक इसी बस सेवा पर निर्भर रहते हैं।

इस स्कूल बस का शिमला से चलने का निर्धारित समय सुबह लगभग 8 बजे का है। यह बस करीब 1 घंटा 50 मिनट का सफर तय करते हुए रास्ते में आने वाले सभी स्कूलों के विद्यार्थियों और अध्यापकों को समय पर उनके विद्यालयों तक पहुंचाती थी। लेकिन बस सेवा बंद होने के बाद अब विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में देरी हो रही है और कई बार उन्हें काफी दूर तक पैदल चलना पड़ता है।

अध्यापकों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बस सेवा बंद होने के कारण कई अध्यापक निजी वाहनों या लिफ्ट के सहारे किसी तरह अपने स्कूल तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं। इससे उन्हें समय पर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई हो रही है और उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

इसी तरह नेरी बस भी एक तरह से स्कूल बस की भूमिका निभा रही थी। यह बस शिमला से लगभग सुबह 11 बजे चलती थी और टूटू, बडेहरी, जुब्बड़हट्टी, शाल-चनोग, सतड़ोल और ममलीग जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरती थी। यह बस लगभग डेढ़ घंटे में अपने गंतव्य तक पहुंचती थी और कई विद्यार्थियों व अध्यापकों के लिए यह मुख्य परिवहन साधन थी।

शाम के समय लगभग 4 बजे यह बस हमलीग से वापस शिमला के लिए चलती थी। वापसी के दौरान यह बस कांशी पटा, शाल-चनोग, जुब्बड़हट्टी, जाठिया देवी, रामपुरी, बडेहरी और टूटू जैसे क्षेत्रों से गुजरती थी। इस बस के माध्यम से कई स्कूलों के विद्यार्थी और अध्यापक सुरक्षित रूप से अपने घरों तक पहुंचते थे।

लेकिन वर्तमान में इन दोनों बस सेवाओं के बंद होने से विद्यार्थियों, अध्यापकों और स्थानीय लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करना आसान नहीं है और बस सेवा बंद होने से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

पंचायत प्रतिनिधियों और स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) ने इस संबंध में HRTC अधिकारियों को कई बार ज्ञापन भी सौंपा है, लेकिन अभी तक इन बसों को दोबारा शुरू नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही बस सेवा बहाल नहीं की गई तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और अध्यापकों की कार्य व्यवस्था पर और अधिक असर पड़ेगा।

विद्यार्थियों, अभिभावकों, अध्यापकों और आम जनता ने HRTC शाखा प्रबंधक शिमला से अपील की है कि इन बसों को जल्द से जल्द दोबारा शुरू किया जाए। उनका कहना है कि इन रूटों पर बस सेवा सुचारू रूप से चलने से न केवल विद्यार्थियों और अध्यापकों को राहत मिलेगी, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी यातायात की सुविधा मिल सकेगी।

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