Author : Man Singh
हिमाचल प्रदेश में वीरवार को सभी सरकारी शिक्षण संस्थान दोबारा खोल दिए गए। लगभग एक माह और बारह दिनों के लंबे अंतराल के बाद जब स्कूलों के द्वार विद्यार्थियों के लिए खुले, तो पूरे प्रदेश में रौनक का माहौल देखने को मिला। प्राइमरी, मिडल तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में बच्चों की वापसी से शिक्षा संस्थानों में नई ऊर्जा का संचार हुआ। लंबे समय तक बंद रहने के कारण जहां विद्यालय परिसर शांत थे, वहीं अब बच्चों की आवाज़ों, हंसी और गतिविधियों से वातावरण जीवंत हो उठा है।
विद्यालय खुलने के साथ ही सड़कों पर भी रौनक लौट आई। सुबह के समय बस स्टैंड, मुख्य बाजार और स्कूल मार्गों पर विद्यार्थियों की आवाजाही के कारण यातायात में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने के लिए पहुंचे, जिससे कई स्थानों पर वाहनों का रश भी दिखाई दिया। यह दृश्य दर्शाता है कि शिक्षा व्यवस्था सामान्य स्थिति की ओर लौट रही है और दैनिक जीवन में फिर से गति आ रही है।
प्रदेश के कई ऐसे स्कूल जो पहले बंद थे, अब दोबारा नियमित रूप से शुरू हो गए हैं। शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों में उत्साह देखा गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए पढ़ाई को पुनः व्यवस्थित ढंग से आरंभ किया। विद्यालय प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि पढ़ाई का क्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही जारी रहेगा, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक तैयारी प्रभावित न हो।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने फिलहाल पाठ्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया है। जो पाठ्यक्रम पहले निर्धारित था, वही क्रम अब भी जारी रहेगा। बोर्ड का कहना है कि विद्यार्थियों को पूर्व निर्धारित सिलेबस के अनुसार ही परीक्षा की तैयारी करनी होगी। इस निर्णय से विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को स्पष्ट दिशा मिली है कि उन्हें अपनी पढ़ाई किस प्रकार आगे बढ़ानी है।
विद्यालयों में ड्रेस कोड और यूनिफॉर्म से संबंधित नियम भी फिलहाल यथावत रखे गए हैं। यदि किसी कारणवश अभिभावकों की सहमति से कोई परिवर्तन आवश्यक हुआ तो वह स्थानीय स्तर पर तय किया जाएगा, लेकिन सामान्य रूप से पूर्व व्यवस्था ही लागू रहेगी। फीस संरचना में भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि शुल्क पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार ही रहेगा।
दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाओं की परीक्षाएं मार्च माह में आयोजित की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें और अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें। बोर्ड परीक्षा परिणाम परीक्षा समाप्त होने के लगभग एक या दो माह के भीतर घोषित किए जाने की संभावना है। इससे विद्यार्थियों को आगामी कक्षाओं या उच्च शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया समय पर पूरी करने में सुविधा होगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध शिक्षण संस्थान, अर्थात कॉलेज, दो से तीन दिन पहले ही खुल चुके हैं। कॉलेज स्तर पर भी नियमित कक्षाएं आरंभ हो चुकी हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा क्लास टाइम-टेबल को ऑनलाइन पंजीकृत करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। विद्यार्थी अपनी आईडी और फीस रसीद के माध्यम से टाइम-टेबल की प्रिंट कॉपी प्राप्त कर रहे हैं।
जिन विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रवेश लेना है, उनके लिए भी प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने वाली है। संभावना है कि लगभग एक सप्ताह के भीतर नई कक्षाओं की एडमिशन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएंगी, ताकि शैक्षणिक सत्र में किसी प्रकार की देरी न हो।
लंबे अंतराल के बाद स्कूल और कॉलेज खुलने से विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। कक्षाओं में मित्रों से मिलना, शिक्षकों के साथ संवाद करना और नियमित अध्ययन शुरू करना विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत जैसा है। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है कि शिक्षा व्यवस्था अब सामान्य हो रही है और बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से आगे बढ़ सकेगी।
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