बड़सर की ईशाली ने UGC NET हिंदी परीक्षा में 97.7 परसेंटाइल हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया
बड़सर की ईशाली ने UGC NET हिंदी परीक्षा में 97.7 परसेंटाइल हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 13, 2026 4:42 p.m. 2121

उपमंडल बड़सर के अंतर्गत आने वाले सोहारी पंचायत के गांव डुगियार की होनहार बेटी ईशाली ने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए UGC NET (हिंदी) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। अपने दूसरे प्रयास में ही 97.7 परसेंटाइल अंक प्राप्त करने वाली ईशाली ने न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं।

ईशाली की इस सफलता के पीछे उनकी निरंतर मेहनत और लगन के साथ-साथ पीएम श्री आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बिझड़ी की पुस्तकालय का विशेष योगदान रहा है। यह पुस्तकालय उनकी तैयारी का मुख्य केंद्र और सफलता का आधार बना। ईशाली ने पुस्तकालय में नियमित रूप से समय बिताते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांत और अनुशासित वातावरण का लाभ उठाया।

लाइब्रेरियन रचना पटियाल ने ईशाली को मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग प्रदान किया, जिससे उनकी तैयारी सही दिशा में आगे बढ़ी। ईशाली का कहना है, "बिझड़ी लाइब्रेरी का माहौल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऊर्जा से भरा है। यहाँ लाइब्रेरियन और शिक्षकों का सहयोग छात्रों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभा रहा है।"

पीएम स्कूल बिझड़ी केवल ईशाली के लिए ही नहीं, बल्कि दर्जनों युवाओं के सपनों को साकार करने में मदद कर रहा है। स्कूल में मार्गदर्शन और पढ़ाई के सही वातावरण की वजह से कई छात्र पहले ही सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं। वर्तमान में लगभग 35 विद्यार्थी इसी लाइब्रेरी में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

ईशाली की इस उपलब्धि पर उनके पिता सतीश कुमार, परिवार के अन्य सदस्य, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि ईशाली की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। युवाओं में पढ़ाई और मेहनत के प्रति जज्बा बढ़ाने में ईशाली की कहानी महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करती है।

विशेषज्ञों और शिक्षकों का कहना है कि इस प्रकार की उपलब्धियां यह दिखाती हैं कि यदि युवा मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के साथ पढ़ाई करें तो कोई भी प्रतियोगी परीक्षा कठिन नहीं होती। ईशाली की सफलता ने साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उच्च अंक और परसेंटाइल हासिल कर सकते हैं।

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