शिमला के इंडियन ओवरसीज बैंक में ₹2.11 करोड़ के लोन मामले में जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
शिमला के इंडियन ओवरसीज बैंक में ₹2.11 करोड़ के लोन मामले में जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

Post by : Himachal Bureau

Sept. 9, 2026 11:45 a.m. 119

शिमला, 9 सितंबर। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े ₹2.11 करोड़ के लोन मामले में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

₹2.11 करोड़ के लोन को लेकर मामला

जानकारी के अनुसार, मालरोड स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में रामपुर के एक बुटीक कारोबार से जुड़े लोन खाते को लेकर अनियमितताओं का मामला सामने आया। बैंक की शिकायत में बुटीक मालिक अभिजीत लाल पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन प्राप्त करने के आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि कारोबारी ने अपने व्यवसाय को बढ़ाने के उद्देश्य से बैंक से कैश क्रेडिट और टर्म लोन के रूप में करीब ₹2.11 करोड़ की राशि ली थी।

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फर्जी बिल और किरायानामे के आरोप

बैंक की शिकायत के मुताबिक, लोन प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर सप्लायरों के फर्जी बिल और मकान मालिक के जाली हस्ताक्षर वाला किरायानामा बैंक में जमा किया गया था। बैंक अधिकारियों को बाद में लोन खाते और कारोबार से संबंधित गतिविधियों को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद अधिकारियों की टीम ने रामपुर स्थित बुटीक का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान बंद मिली बुटीक

बैंक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर बुटीक बंद मिली। रिपोर्ट के अनुसार, दुकान में पहले मौजूद सामान भी वहां नहीं मिला। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने मामले की जांच की और लोन खाते से संबंधित दस्तावेजों तथा लेन-देन की जानकारी की समीक्षा की।

लोन खाता NPA घोषित

रिपोर्ट के अनुसार, लोन की किस्तों का भुगतान नहीं होने और बैंकिंग नियमों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद संबंधित खाते को NPA घोषित कर दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बैंक से व्यवसाय के लिए प्राप्त राशि का इस्तेमाल कथित तौर पर अन्य निजी कार्यों में किया गया।

बैंक प्रबंधन ने पुलिस में दी शिकायत

मामले को लेकर इंडियन ओवरसीज बैंक के मुख्य प्रबंधक किरण कुमार की ओर से शिमला पुलिस को लिखित शिकायत दी गई। शिकायत के आधार पर सदर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में दस्तावेजों की जांच, लोन प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों और कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। आरोपी की तलाश को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। दस्तावेजों की फोरेंसिक और रिकॉर्ड जांच के बाद ही कथित फर्जीवाड़े से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपी की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।

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