हिमाचल ग्रामीण बैंक भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा, सॉल्वर से परीक्षा दिलाकर बने कर्मचारी!
हिमाचल ग्रामीण बैंक भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा, सॉल्वर से परीक्षा दिलाकर बने कर्मचारी!

Post by : Himachal Bureau

Sept. 9, 2026 1:43 p.m. 120

शिमला (ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक में बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) की क्षेत्रीय भर्ती परीक्षा से जुड़ा कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। CBI की एंटी-करप्शन ब्रांच शिमला ने दो बर्खास्त बैंक कर्मचारियों समेत अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी उम्मीदवार यानी सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलवाई और इसके आधार पर बैंक में नौकरी हासिल की। जांच में बैंक को वेतन और लोन के जरिए कथित वित्तीय नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है।

बायोमीट्रिक जांच से खुला कथित फर्जीवाड़ा

मामले का खुलासा IBPS द्वारा कर्मचारियों के आंतरिक बायोमीट्रिक पुनः सत्यापन के दौरान हुआ। जांच में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के समय दर्ज किए गए फिंगरप्रिंट, फोटो और हस्ताक्षर दोनों कर्मचारियों के वास्तविक बायोमीट्रिक डाटा से मेल नहीं खाते पाए गए। इसके बाद कथित तौर पर यह सामने आया कि दोनों अभ्यर्थियों की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा और सत्यापन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।

एक ने बगस्याड़ तो दूसरे ने पांगणा शाखा में की थी जॉइनिंग

FIR में राजस्थान निवासी रविंद्र मीणा और जितेंद्र कुमार मीणा के नाम शामिल हैं। आरोप के मुताबिक, रविंद्र मीणा ने वर्ष 2023 की परीक्षा के आधार पर 12 फरवरी 2024 को मंडी जिले की बगस्याड़ शाखा में ऑफिस असिस्टेंट के पद पर जॉइनिंग की थी। बर्खास्तगी तक उसे करीब ₹11,10,826 वेतन मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा उसने बैंक से ₹3 लाख का लोन भी लिया था, जिसमें से ₹2,28,288 की राशि बकाया बताई गई है।

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दूसरे कर्मचारी ने लिए थे दो बैंक लोन

जितेंद्र कुमार मीणा ने वर्ष 2022 की परीक्षा के आधार पर 1 जुलाई 2023 को मंडी जिले के करसोग स्थित पांगणा शाखा में जॉइनिंग की थी। CBI के अनुसार, बर्खास्तगी तक उसे करीब ₹14,46,146 वेतन मिला। इसके अलावा उसने ₹5 लाख और ₹3 लाख, यानी कुल ₹8 लाख के दो अलग-अलग लोन लिए थे। इनमें से ₹7,45,865 की राशि बकाया बताई गई है।

CBI ने कई धाराओं में दर्ज किया मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI ने दोनों पूर्व बैंक कर्मचारियों, अज्ञात अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B, 419, 420, 468 और 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7A के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच CBI निरीक्षक कुलदीप चंद को सौंपी गई है। जांच एजेंसी कथित भर्ती फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की भी जांच करेगी।

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