हिमाचल के पर्यटन स्थलों में ओपन वाई-फाई से बढ़ा साइबर खतरा
हिमाचल के पर्यटन स्थलों में ओपन वाई-फाई से बढ़ा साइबर खतरा

Post by : Ram Chandar

Feb. 20, 2026 3:38 p.m. 121

शिमला, मनाली, धर्मशाला, कसौली हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ओपन पब्लिक वाई-फाई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। पर्यटक और स्थानीय लोग मुफ्त इंटरनेट की सुविधा पाने के लिए खुले नेटवर्क से आसानी से जुड़ जाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे साइबर सुरक्षा का खतरा भी लगातार गहरा रहा है। खुले नेटवर्क का उपयोग करने वाले कई लोग इस बात से अनजान रहते हैं कि उनकी निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण और अन्य संवेदनशील डेटा साइबर अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन सकता है।

साइबर विशेषज्ञ और पुलिस ने बताया कि असुरक्षित वाई-फाई नेटवर्क हैकर्स के लिए सक्रिय माध्यम बन गए हैं। ओपन नेटवर्क से जुड़ते ही उपयोगकर्ता की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकती है। हैकर्स पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी, ईमेल, ओटीपी, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य निजी डेटा तक आसानी से पहुँच सकते हैं। कई बार केवल एक छोटा सा क्लिक या अनजाने में कोई संदिग्ध लिंक खोलने से भी गंभीर साइबर अपराध होने का खतरा बन जाता है।

शिमला के मालरोड, रिज मैदान, बस अड्डा और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना सत्यापन किसी भी उपलब्ध नेटवर्क से जुड़ने की प्रवृत्ति आम हो चुकी है। ऐसे नेटवर्क पर ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, सरकारी वेबसाइट लॉगिन या संवेदनशील दस्तावेज साझा करना बेहद जोखिमपूर्ण हो सकता है। छोटी सी लापरवाही से बैंक खाते से धन की निकासी, पहचान की चोरी, और साइबर ठगी जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। प्रदेश पुलिस साइबर जागरूकता अभियान भी चला रही है ताकि लोग सुरक्षित इंटरनेट व्यवहार को समझ सकें।

सुरक्षा और सावधानी के सुझाव:

  • निशुल्क इंटरनेट का उपयोग केवल सामान्य ब्राउजिंग और जानकारी हासिल करने तक सीमित रखें।

  • ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई भुगतान या किसी भी संवेदनशील काम के लिए हमेशा मोबाइल डेटा या सुरक्षित पासवर्ड-संरक्षित नेटवर्क का ही उपयोग करें।

  • मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (Two-Factor Authentication) अपनाएँ।

  • मोबाइल का ऑटो-कनेक्ट फीचर बंद रखें ताकि आपका फोन किसी भी अनजाने नेटवर्क से स्वतः जुड़ न जाए।

  • संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट, अनजान एप्लिकेशन और डाउनलोड से बचें।

  • सार्वजनिक स्थानों पर कभी भी व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूक नागरिक ही साइबर अपराध की रोकथाम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि मुफ्त वाई-फाई का उपयोग सोच-समझकर करें और हमेशा अपनी निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण और ऑनलाइन खातों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

अशोक तिवारी, डीजीपी

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