आम बजट से हिमाचल को राहत की आस केंद्र के सामने CM सुक्खू की चार अहम मांगें
आम बजट से हिमाचल को राहत की आस केंद्र के सामने CM सुक्खू की चार अहम मांगें

Post by : Himachal Bureau

Jan. 31, 2026 4:14 p.m. 171

देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला आम बजट 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी, जो उनके कार्यकाल का लगातार नौवां आम बजट होगा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई और विकास दर से जुड़ी चुनौतियों के बीच पेश होने वाला यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है।

इसी बीच, आम बजट से हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली राहत को लेकर राज्य में उम्मीदें बढ़ गई हैं। बजट से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति और पहाड़ी राज्य की विशेष जरूरतों को केंद्र के समक्ष रखा।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें सबसे अहम राजस्व घाटा अनुदान को लेकर थी। उन्होंने आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश को कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का राजस्व घाटा अनुदान दिया जाए, ताकि राज्य पर बढ़ते वित्तीय दबाव को कम किया जा सके।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पहाड़ी राज्यों के लिए अलग से ‘ग्रीन फंड’ स्थापित करने की मांग रखी। उन्होंने सुझाव दिया कि इस फंड के तहत सालाना 50 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सतत विकास से जुड़े कार्यों को गति मिल सके।

राज्य की वित्तीय चुनौतियों का हवाला देते हुए सीएम सुक्खू ने सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का अतिरिक्त दो प्रतिशत तक कर्ज लेने की अनुमति देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा लोन लिमिट हिमाचल की जरूरतों के मुकाबले अपर्याप्त है और इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए आपदा प्रबंधन के लिए विशेष प्रावधान की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए डिजास्टर रिस्क इंडेक्स को अलग से परिभाषित किया जाना चाहिए और बजट में आपदा राहत के लिए विशेष संसाधन सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

राज्य के लिए असमंजस की स्थिति यह भी है कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। हालांकि आयोग की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी जा चुकी है और फिलहाल वित्त मंत्रालय के पास है। ऐसे में 1 फरवरी को पेश होने वाला आम बजट हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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