आईजीएमसी में शुरू हुआ पेपरलेस सिस्टम, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में कदम
आईजीएमसी में शुरू हुआ पेपरलेस सिस्टम, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में कदम

Post by : Khushi Joshi

Dec. 5, 2025 1:06 p.m. 4192

राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन के तहत अस्पताल को चरणबद्ध ढंग से पूरी तरह पेपरलेस बनाने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। गुरुवार से सर्जरी यूनिट-1 को पूर्णत: पेपरलेस घोषित कर दिया गया और सभी कार्य अब स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली HMIS पोर्टल के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार सर्जरी यूनिट-1 में अब डिजिटल डिस्चार्ज स्लिप, उपचार सारांश, केस शीट, प्रिस्क्रिप्शन, जांच रिपोर्ट, मेडिकेशन रिकॉर्ड तथा फॉलो-अप निर्देश ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। मरीजों को अब फाइलों के ढेर, प्रिंटआउट या पेपर आधारित रिकॉर्ड्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, सारी जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध होगी।

वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि यह बदलाव केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले महीनों में अस्पताल के सभी विभागों को इसी HMIS सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा। डायग्नॉस्टिक सेवाओं से लेकर फार्मेसी, काउंटर सेवा और वार्ड प्रबंधन तक हर प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस कदम से इलाज की प्रक्रिया तेज़ होगी और विभागों के बीच तालमेल भी बेहतर होगा। मरीजों के रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे, डेटा की सटीकता में सुधार होगा और रिपोर्ट या फाइल ढूँढने में समय बर्बाद नहीं होगा। साथ ही पेपरलेस मॉडल पर्यावरण संरक्षण और अस्पताल में खर्च कम करने की दिशा में भी बड़ा योगदान देगा।

अस्पताल प्रशासन का मानना है कि डिजिटलाइजेशन के बाद मरीजों को कतारों में कम समय बिताना पड़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। योग्यता-आधारित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय करना भी आसान होगा।

आईजीएमसी प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान है और यहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इस बदलाव से न सिर्फ मरीजों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता में भी बड़ा अंतर पड़ेगा। प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में यह अस्पताल हिमाचल में डिजिटल हेल्थ मॉडल का सबसे मजबूत उदाहरण बनकर उभरेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना HIMCARE और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के साथ भी जोड़ी जाएगी, ताकि मरीजों को एकीकृत स्वास्थ्य सेवाएँ सुगम और पारदर्शी रूप में मिल सकें।

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