मंडी में भूकंप के झटके, लोगों में डर और दहशत का माहौल
मंडी में भूकंप के झटके, लोगों में डर और दहशत का माहौल

Post by : Himachal Bureau

Jan. 5, 2026 3:30 p.m. 1587

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार दोपहर अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोपहर 12:57 बजे जमीन के भीतर हलचल ने लोगों को घरों और दफ्तरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 दर्ज की गई, और जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई होने के कारण झटके लोगों को साफ महसूस हुए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कंपन के समय दहशत का माहौल बन गया और लोग खुले मैदानों की ओर भागे।

दिलचस्प बात यह है कि उसी दिन पूर्वोत्तर भारत का असम भी भूकंप से प्रभावित हुआ। असम में सुबह 5.0 से अधिक तीव्रता का भूकंप आया, और कुछ ही घंटों बाद हिमाचल की धरती भी हिल गई। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आ रहे झटके हिमालयी बेल्ट में भूगर्भीय सक्रियता बढ़ने का संकेत हैं।

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नवीनतम आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। हिमाचल का पूरा हिमालयी क्षेत्र अब सबसे अधिक जोखिम वाले 'जोन 6' में शामिल किया गया है। शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और जनजातीय क्षेत्र जैसे चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति अब अत्यधिक खतरे वाले जिलों में गिने जाते हैं।

इतिहास भी इसके संकेत देता है। 1905 में कांगड़ा जिले में 7.0 से अधिक तीव्रता वाला विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें भारी तबाही हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

हिमाचल के लोग और प्रशासन दोनों को आपदा के लिए तैयारी बढ़ाने और भूकंप के समय सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सजग रहने की सलाह दी जा रही है। यह घटना यह भी दिखाती है कि हिमालयी क्षेत्र में भूगर्भीय गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं और भविष्य में भी सतर्कता आवश्यक है।

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