Post by : Himachal Bureau
मंडी जिले के सुंदरनगर में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब बस अड्डे के पीछे स्थित एक मिठाई निर्माण इकाई और उसके आउटलेट परिसर में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। घटना के समय परिसर में कामकाज चल रहा था, जिससे कुछ देर के लिए कर्मचारियों और आसपास के लोगों में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते की गई कार्रवाई के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
आग कैसे लगी और सबसे पहले क्या हुआ?
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार शाम के समय अचानक बिजली आपूर्ति में तकनीकी खराबी महसूस हुई। कुछ ही देर बाद परिसर के एक हिस्से से धुआं निकलता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत सावधानी बरती और परिसर से बाहर निकल गए। बताया जा रहा है कि उस समय फैक्टरी के अंदर चार से पांच कर्मचारी मौजूद थे। सभी सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने से बचाव हो गया।
कर्मचारियों की सतर्कता ने टाला बड़ा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कर्मचारियों ने समय रहते धुआं और तकनीकी खराबी पर ध्यान न दिया होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। कर्मचारियों ने तुरंत आग की सूचना संबंधित विभागों को दी और परिसर को खाली कराया। उनकी सतर्कता के कारण आग फैलने से पहले ही राहत कार्य शुरू हो गया। यही वजह रही कि बड़ा नुकसान और किसी संभावित जनहानि की आशंका टल गई।
मौके पर पहुंची राहत टीम
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग सक्रिय हो गया। सुंदरनगर स्थित बीएसएल परियोजना और मंडी से फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। राहत दल ने पहुंचते ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कुछ समय की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। अधिकारियों के अनुसार संयुक्त प्रयासों के कारण आग को अन्य हिस्सों तक फैलने से रोका जा सका।
कितना हुआ नुकसान?
आग लगने की इस घटना में फैक्टरी परिसर के भीतर रखे कुछ सामान को नुकसान पहुंचा है। हालांकि नुकसान का सटीक आकलन अभी किया जा रहा है। राहत की बात यह रही कि किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची। अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और नुकसान का विस्तृत विवरण तैयार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक और व्यावसायिक परिसरों में नियमित विद्युत जांच बेहद जरूरी होती है। समय-समय पर वायरिंग, बिजली उपकरणों और सुरक्षा प्रणालियों की जांच करने से इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। आग की घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और त्वरित प्रतिक्रिया बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।
प्रशासन की नजर और आगे की कार्रवाई
घटना के बाद संबंधित विभागों ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन ने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सुरक्षा मानकों का पालन करने और बिजली व्यवस्था की नियमित जांच कराने की अपील की है।
सुंदरनगर की इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि सतर्कता, समय पर सूचना और राहत एजेंसियों की तेज कार्रवाई किसी भी संभावित बड़े हादसे को टाल सकती है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
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