Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने फर्जी फर्मों और कथित टैक्स चोरी से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए आरोपी की एफआईआर रद्द करने की मांग खारिज कर दी है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में शुरुआत से ही धोखाधड़ी की मंशा के आरोप मौजूद हों, तो केवल व्यापारिक समझौते या हर्जाने से जुड़ी शर्तों का हवाला देकर आपराधिक कार्रवाई से बचा नहीं जा सकता।
न्यायाधीश संदीप शर्मा ने याचिकाकर्ता विनोद कुमार की ओर से दायर आपराधिक याचिका को खारिज कर दिया।
मामले के अनुसार याचिकाकर्ता मैसर्स जीटी आयरन स्टोर का प्रोपराइटर है। सिरमौर स्थित मैसर्स अंबा शक्ति इस्पात लिमिटेड ने उसे स्क्रैप सप्लाई के लिए कमीशन एजेंट नियुक्त किया था। आरोप है कि याचिकाकर्ता ने कंपनी को बड़ी मात्रा में स्क्रैप उपलब्ध कराने के लिए दो सप्लायर फर्मों को कारोबार से जोड़ा।
इन फर्मों की पहचान मैसर्स महेश ट्रेडिंग कंपनी और मैसर्स राजश्री ट्रेडिंग कंपनी के रूप में की गई।
मामले में आरोप लगाया गया कि दोनों सप्लायर फर्मों से संबंधित पैन, आधार और जीएसटी पंजीकरण दस्तावेज कंपनी को उपलब्ध कराए गए थे।बाद की जांच में इन दस्तावेजों और संबंधित फर्मों की वास्तविकता पर सवाल उठे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जिन फर्मों के नाम पर स्क्रैप सप्लाई दिखाई गई, वे वास्तविक रूप से अस्तित्व में नहीं थीं।
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार अंबा शक्ति इस्पात लिमिटेड ने सप्लायर फर्मों की ओर से जारी बिलों के आधार पर बड़ी रकम का भुगतान किया। मैसर्स महेश ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर करीब 11.03 करोड़ रुपये, जबकि मैसर्स राजश्री ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर 10.44 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान माल की कीमत और आईजीएसटी के रूप में किया गया।
इस लेन-देन में आरोपी को लगभग 6.05 लाख रुपये कमीशन मिलने का भी आरोप है।
मामले में बड़ा खुलासा 20 जुलाई 2021 को हुआ, जब जीएसटी विभाग ने अंबा शक्ति इस्पात लिमिटेड के परिसरों पर कार्रवाई की।
जांच के दौरान विभाग को कथित तौर पर पता चला कि दोनों सप्लायर फर्में फर्जी और गैर-मौजूद थीं।
आरोप है कि इन फर्मों के नाम पर फर्जी इनवॉइस तैयार किए गए और उनके आधार पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने का प्रयास किया गया।
जांच के बाद अंबा शक्ति इस्पात लिमिटेड को करीब एक करोड़ रुपये जमा करने पड़े।
इसके अतिरिक्त जीएसटी विभाग की ओर से लगभग 2.66 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग भी निकाली गई।
मामले में आरोप है कि फर्जी इनवॉइस और गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।
याचिकाकर्ता की ओर से मामले को व्यापारिक विवाद बताते हुए आपराधिक एफआईआर रद्द करने की मांग की गई थी।
हालांकि हाई कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और आरोपों को देखते हुए याचिका स्वीकार नहीं की।
Read Also:38 वर्ष की बेदाग सेवा के बाद इंस्पेक्टर ओरेंद्र सिंह सेवानिवृत्त
अदालत ने माना कि जिन मामलों में कथित धोखाधड़ी की मंशा शुरू से दिखाई देती हो, उन्हें केवल व्यापारिक या सिविल विवाद बताकर आपराधिक कार्रवाई से अलग नहीं किया जा सकता।
इसके साथ ही अदालत ने एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
हाई कोर्ट के इस आदेश को आर्थिक अपराधों और कथित जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अदालत के फैसले के बाद मामले में दर्ज एफआईआर और संबंधित जांच प्रक्रिया जारी रह सकेगी। हालांकि मामले में अंतिम दोष या निर्दोषता का फैसला सक्षम अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगा।
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट
हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प...
हथलौंण की शिल्पा सोनी ने Commission Exam पास कर Lecturer Chemistry पद हासिल किया, बंगाणा विद्यालय मे