बर्फीले तूफान में भी नहीं डगमगाई श्रद्धा देवता की पालकी संग 12 किमी की कठिन यात्रा
बर्फीले तूफान में भी नहीं डगमगाई श्रद्धा देवता की पालकी संग 12 किमी की कठिन यात्रा

Post by : Himachal Bureau

Jan. 28, 2026 2:40 p.m. 1487

हिमाचल प्रदेश को देवभूमि यूं ही नहीं कहा जाता, यहां लोगों की आस्था प्रकृति की कठोर परिस्थितियों पर भी भारी पड़ती है। ऐसा ही एक अद्भुत और प्रेरणादायक दृश्य मंडी जिले के उपमंडल बालीचौकी में देखने को मिला, जहां भारी बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं ने देवता की पालकी के साथ कठिन यात्रा पूरी की।

मंगलवार को क्षेत्र में मौसम बेहद खराब था। लगातार बर्फबारी और तेज ठंडी हवाओं के बीच आराध्य देवता श्री चुंजवाला को उनके मूल स्थान देवधार से शिवाड़ी तक ले जाया गया। शिवाड़ी में देवता के एक भक्त के घर निजी देउली (धार्मिक आयोजन) का कार्यक्रम था, जिसमें शामिल होने के लिए यह यात्रा की गई।

भारी बर्फबारी के बावजूद दर्जनों देवलू देवता की पालकी उठाकर करीब 12 किलोमीटर तक पैदल चले। रास्ते में कई स्थानों पर एक फुट से अधिक बर्फ जमी हुई थी और बर्फीला तूफान भी चल रहा था। जहां आम लोग मौसम के कारण घरों में ही रहे, वहीं देवलुओं के कदम श्रद्धा के आगे नहीं डगमगाए।

पूरे सफर के दौरान देवलू वाद्ययंत्रों की धुन पर भक्ति भाव से चलते रहे। आश्चर्य की बात यह रही कि इतनी विषम परिस्थितियों के बावजूद किसी को थकान या परेशानी महसूस नहीं हुई।

देवलुओं का कहना है कि देवधार से शिवाड़ी तक का सफर चुनौतीपूर्ण था, लेकिन देव भक्ति में लीन होने के कारण मौसम की मार का अहसास ही नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि हिमाचल के लोगों की यही अटूट आस्था और देवी-देवताओं का आशीर्वाद उन्हें हर कठिनाई से पार ले जाता है।

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