अटल टनल पहुंचकर राज्यपाल ने BRO के कार्य और पर्यटन विकास की सराहना की
अटल टनल पहुंचकर राज्यपाल ने BRO के कार्य और पर्यटन विकास की सराहना की

Post by : Himachal Bureau

May 8, 2026 4:55 p.m. 1454

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिले के महत्वपूर्ण पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का दौरा कर क्षेत्र के विकास कार्यों और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने अटल टनल का निरीक्षण किया और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग तथा देश की रणनीतिक मजबूती का प्रतीक बताया।

राज्यपाल ने अटल टनल के दक्षिणी पोर्टल से उत्तरी पोर्टल तक यात्रा की और वहां मौजूद बीआरओ अधिकारियों से टनल के निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें सालभर यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए किए गए इंतजामों के बारे में भी अवगत करवाया।

उन्होंने कहा कि अटल टनल केवल एक सुरंग नहीं बल्कि हिमालयी क्षेत्र के विकास, बेहतर संपर्क और सीमावर्ती इलाकों की मजबूती का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच को याद करते हुए कहा कि इस परियोजना ने लाहौल-स्पीति को पूरे साल राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है।

राज्यपाल ने कहा कि टनल बनने के बाद स्थानीय लोगों को परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरी सेवाओं में काफी सुविधा मिली है। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां भी तेजी से बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और व्यापार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।

अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने सिस्सू झील और सिस्सू वॉटरफॉल का भी भ्रमण किया। उन्होंने लाहौल घाटी की खूबसूरती की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिस्सू अब हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि अटल टनल शुरू होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय कारोबारियों और होटल व्यवसाय को लाभ मिल रहा है।

राज्यपाल ने लाहौल के प्रसिद्ध राजा घेपन मंदिर में भी माथा टेका और प्रदेश तथा देश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की भी सराहना की। इसके बाद उन्होंने कुल्लू जिले के प्रसिद्ध हिडिंबा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को दुनिया भर में देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां के लोगों की देवी-देवताओं के प्रति गहरी आस्था राज्य की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है।

राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल की धार्मिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित और बढ़ावा देना सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर कई प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

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