Author : Rajesh Vyas
पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विन्द्रावन विद्युत उपमंडल में कार्यरत लाइनमैन मोहनलाल की दर्दनाक मृत्यु के बाद पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मोहनलाल केवल बिजली विभाग के कर्मचारी नहीं थे, बल्कि वह लोगों के भरोसे और उम्मीद का सबसे बड़ा सहारा थे। उनके निधन के बाद इलाके में लगातार बिजली की समस्या बढ़ गई है और लोग घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर हो रहे हैं। पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने भी इस पूरे मामले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मोहनलाल जैसे जिम्मेदार और मेहनती कर्मचारी बहुत कम देखने को मिलते हैं।
पूर्व विधायक ने कहा कि मोहनलाल हर मौसम में लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। तेज बारिश, तूफान या रात का समय होने के बावजूद वह बिना किसी शिकायत के मौके पर पहुंच जाते थे और बिजली की खराबी को जल्द ठीक करते थे। यही वजह थी कि क्षेत्र के लोग सीधे उन्हें फोन करते थे और उन्हें पूरा भरोसा रहता था कि समस्या जल्दी हल हो जाएगी। लेकिन अब उनकी मौत के बाद हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और लोगों को लंबे समय तक बिजली बंद रहने की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि मोहनलाल की मृत्यु के बाद विन्द्रावन क्षेत्र लगातार तीन दिन तक अंधेरे में डूबा रहा। विभाग के कर्मचारियों को खराबी ढूंढने में काफी समय लग गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। गांवों में रातभर बिजली नहीं रही और बच्चों की पढ़ाई से लेकर बुजुर्गों की दिनचर्या तक पूरी तरह प्रभावित हुई। लोगों का कहना है कि पहले मोहनलाल अकेले ही कई बार ऐसी समस्याओं को जल्दी ठीक कर देते थे, लेकिन अब विभाग की व्यवस्था कमजोर दिखाई दे रही है।
प्रवीन कुमार ने कहा कि मोहनलाल विभाग के प्रति पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करते थे। कई बार वह विभाग की कमियों को भी अपनी मेहनत से संभाल लेते थे ताकि जनता को परेशानी न हो। लेकिन अब उनकी कमी साफ महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लगातार खराब हो रही बिजली व्यवस्था से आम लोग बेहद परेशान हैं। दुकानदारों का काम प्रभावित हो रहा है, किसानों को मुश्किलें हो रही हैं और छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
पूर्व विधायक ने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनता का गुस्सा खुलकर सामने आ सकता है। लोगों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। खासकर रात के समय बिजली गुल रहने से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गांवों में लोगों को गर्मी और अंधेरे दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस इंसान की हो रही है जिसने वर्षों तक बिना किसी दिखावे के लोगों के घरों तक रोशनी पहुंचाने का काम किया। मोहनलाल अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी मेहनत, ईमानदारी और सेवा भावना को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। विन्द्रावन क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ऐसे कर्मचारी बहुत कम होते हैं जो अपनी ड्यूटी को सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि सेवा समझकर निभाते हैं। आज भी लोग उन्हें याद करते हुए भावुक हो रहे हैं और बेहतर बिजली व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
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