पालमपुर गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के फैसले पर संयुक्त व्यापार मंडल का कड़ा विरोध
पालमपुर गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के फैसले पर संयुक्त व्यापार मंडल का कड़ा विरोध

Author : Rajesh Vyas

Feb. 23, 2026 12:36 p.m. 2418

पालमपुर शहर के ऐतिहासिक सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल को घुग्घर स्थित स्कूल में मर्ज करने के प्रस्तावित निर्णय के खिलाफ संयुक्त व्यापार मंडल ने कड़ा विरोध जताया है। मंडल के अध्यक्ष संजीव सोनी ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह निर्णय शहर की भावनाओं, ऐतिहासिक पहचान और सामाजिक विरासत की अनदेखी है।

उन्होंने कहा कि यह विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान भर नहीं है, बल्कि पालमपुर की सांस्कृतिक और शैक्षणिक धरोहर का प्रतीक है। वर्ष 1868 में स्थापित यह गर्ल्स स्कूल पिछले डेढ़ सौ वर्षों से अधिक समय से क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा प्रदान कर रहा है और हजारों छात्राओं ने यहां से शिक्षा ग्रहण कर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

संजीव सोनी ने कहा कि इस विद्यालय ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि यह शहर की पहचान और गौरव का भी हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संस्थान को मर्ज करना शहर की अस्मिता पर सीधा आघात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को ऐसे किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय जनता, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श करना चाहिए था। बिना जनभावनाओं को समझे लिया गया यह फैसला असंतोष और आक्रोश को जन्म दे रहा है।

संयुक्त व्यापार मंडल ने सरकार से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। संजीव सोनी ने कहा कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो मंडल इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर व्यापारी वर्ग सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेगा। चक्का जाम जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं, ताकि सरकार तक जनता की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

मंडल ने स्थानीय विधायक आशीष बुटेल से आग्रह किया है कि वे इस विषय को गंभीरता से लें और सरकार के समक्ष शहर की भावनाओं को मजबूती से रखें। संयुक्त व्यापार मंडल का कहना है कि विधायक को तुरंत हस्तक्षेप कर संबंधित विभाग से वार्ता करनी चाहिए और इस फैसले को रद्द करवाने के प्रयास करने चाहिए। मंडल के पदाधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक स्कूल का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे शहर की प्रतिष्ठा और ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा विषय है।

संजीव सोनी ने कहा कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी की, तो संयुक्त व्यापार मंडल, शहर के व्यापारी, कर्मचारी, अभिभावक, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक एकजुट होकर व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी सामाजिक संगठनों को साथ लेकर एक संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा, ताकि सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए विवश होना पड़े।

संयुक्त व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया है कि शहर की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय पीढ़ियों की यादों, उपलब्धियों और संघर्षों का साक्षी रहा है। इसे मर्ज करने का निर्णय केवल प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने जैसा है।

मंडल ने दोहराया कि वे लोकतांत्रिक दायरे में रहकर संघर्ष करेंगे और जब तक सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पालमपुर में गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के फैसले ने शहर में बहस और विरोध की स्थिति पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गंभीर रूप ले सकता है, यदि सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकलता।

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