जीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सलियाणा में पूर्व प्रधानाचार्य कुलभूषण शुक्ल की प्रतिमा का अनावरण
जीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सलियाणा में पूर्व प्रधानाचार्य कुलभूषण शुक्ल की प्रतिमा का अनावरण

Author : Rajesh Vyas

Sept. 5, 2026 5:20 p.m. 310

पालमपुर, 5 सितंबर: शिक्षक दिवस के अवसर पर जीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सलियाणा में आयोजित समारोह भावनाओं और यादों से भर गया। विद्यालय के पूर्व छात्रों ने अपने श्रद्धेय पूर्व प्रधानाचार्य स्वर्गीय श्री कुलभूषण शुक्ल को याद करते हुए विद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर पूर्व छात्रों, शुक्ल परिवार, शिक्षकों और वर्तमान विद्यार्थियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

चार दशक तक विद्यालय को दी सेवाएं

स्वर्गीय श्री कुलभूषण शुक्ल ने वर्ष 1949 से 1988 तक विद्यालय के प्रधानाचार्य के रूप में सेवाएं दीं। लगभग चार दशकों तक उन्होंने संस्थान को अपना जीवन समर्पित किया। शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार और चरित्र निर्माण को लेकर उनकी सोच ने कई पीढ़ियों के विद्यार्थियों को प्रभावित किया। पूर्व छात्रों के अनुसार, कुलभूषण शुक्ल केवल विद्यालय के प्रशासक नहीं थे, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी थे। उनके पढ़ाए और मार्गदर्शन प्राप्त किए विद्यार्थियों ने जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई।

डॉ. सीमा शुक्ला ने किया प्रतिमा का अनावरण

कार्यक्रम में डॉ. सीमा शुक्ला, जो जीएवी स्कूल की पूर्व छात्रा और स्वर्गीय कुलभूषण शुक्ल की सुपुत्री हैं, मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने अपने पिता की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर डॉ. सीमा शुक्ला ने कहा कि उनके पिता के प्रति पूर्व छात्रों का यह सम्मान और स्नेह उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि विद्यालय और विद्यार्थियों के लिए उनके पिता ने जो योगदान दिया, यह प्रतिमा उसी विरासत की स्थायी याद बनी रहेगी।

विद्यालय के लिए 1 लाख रुपये देने की घोषणा

डॉ. सीमा शुक्ला ने इस अवसर पर विद्यालय के लिए 1 लाख रुपये के दान की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने अपने माता-पिता के नाम पर 11 हजार रुपये की छात्रवृत्तियां शुरू करने की भी घोषणा की। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को भी उनकी ओर से 5 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। इन घोषणाओं ने शिक्षक दिवस के इस आयोजन को और भी खास बना दिया।

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करीब 50 पूर्व छात्र और 150 वर्तमान विद्यार्थी रहे मौजूद

समारोह में लगभग 50 पूर्व छात्रों और एलुमनी सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा शुक्ल परिवार के सदस्य, शिक्षक और अन्य शुभचिंतक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विद्यालय के करीब 150 वर्तमान विद्यार्थियों ने भी समारोह में भाग लिया। शुक्ल परिवार की ओर से डॉ. सीमा शुक्ला के साथ डॉ. अनिल दत्त, श्रीमती संगीता और इंजीनियर गुरबख्श सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

विद्यालय प्रबंधन ने पूर्व छात्रों के प्रयासों को सराहा

विद्यालय प्रबंधन की ओर से अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा ने जीएवी स्कूल, सलियाणा की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1923 में स्थापित यह संस्थान लंबे समय से विद्यार्थियों को मूल्यपरक शिक्षा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने पूर्व छात्रों द्वारा विद्यालय से जुड़े रहने और संस्थान के विकास में योगदान देने की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से मनोज अवस्थी, सुरेश शर्मा, सुरेंद्र शर्मा और नरेश अवस्थी के प्रयासों का उल्लेख किया, जिन्होंने मिलकर वर्तमान विद्यार्थियों के लिए करीब 4 लाख रुपये की लागत से आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण करवाया।

पूर्व छात्रों ने साझा कीं पुरानी यादें

पूर्व छात्र मनोज अवस्थी ने स्वर्गीय कुलभूषण शुक्ल के जीवन और विद्यालय के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कुलभूषण शुक्ल ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा विद्यालय को समर्पित किया और विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं पूर्व छात्र सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि स्वर्गीय कुलभूषण शुक्ल का जन्म वर्ष 1925 में हुआ था और वर्ष 1993 में उनका निधन हुआ। उन्होंने कहा कि विद्यालय के साथ उनका लंबा जुड़ाव और विद्यार्थियों के प्रति उनका समर्पण उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगा।

राजेश व्यास समेत कई पूर्व छात्र रहे मौजूद

इस अवसर पर राजेश व्यास सहित विद्यालय के कई पूर्व छात्र और एलुमनी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मनोज अवस्थी, सुरेंद्र शर्मा, रशम सिंह पटियाल, संतोष शर्मा, नीलांबर शर्मा, डॉ. हृदयपाल सिंह, डॉ. अशोक शर्मा, मोहिंदर चौधरी, कुलदीप अवस्थी, अनिल शर्मा, हरीश व्यास, ओंकार व्यास और अनिल व्यास सहित अन्य पूर्व छात्रों ने भाग लिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अखिल शर्मा भी समारोह में उपस्थित रहीं और उन्होंने विद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की।

विद्यार्थियों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इन प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह और जीवंतता भर दी। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व छात्र भी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से भावुक और उत्साहित नजर आए।

प्रतिमा बनी गुरु की विरासत का प्रतीक

पूर्व छात्रों के लिए यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं है, बल्कि उनके पुराने शिक्षक और मार्गदर्शक के साथ जुड़ी यादों का प्रतीक है। कई वर्षों बाद विद्यालय लौटे पूर्व छात्रों ने अपने गुरु की स्मृतियों को साझा किया और कहा कि उनके द्वारा दिए गए संस्कार और सीख आज भी उनके जीवन का हिस्सा हैं।

एलुमनी एसोसिएशन का कहना है कि स्वर्गीय कुलभूषण शुक्ल की प्रतिमा आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों को यह संदेश देती रहेगी कि शिक्षा केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। अनुशासन, चरित्र, संस्कार, जिम्मेदारी और समाज के प्रति सेवा भावना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

अतीत के सम्मान के साथ भविष्य को मजबूत करने का संकल्प

समारोह के अंत में पूर्व छात्रों और विद्यालय परिवार ने संस्थान की विरासत को आगे बढ़ाने तथा पूर्व शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने का संकल्प लिया। एलुमनी एसोसिएशन ने प्रतिमा स्थापित करने और विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

शिक्षक दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम जीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सलियाणा के लिए इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि इसमें गुरु के प्रति सम्मान, पुरानी यादों और विद्यालय के भविष्य के लिए पूर्व छात्रों की प्रतिबद्धता—तीनों एक साथ दिखाई दिए।

स्वर्गीय श्री कुलभूषण शुक्ल की प्रतिमा अब विद्यालय परिसर में उनकी सेवा, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण की स्थायी निशानी के रूप में विद्यार्थियों और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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