हरेड़ की बेटी मोनिका धरवाल ने एम्स नई दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर बनकर बढ़ाया क्षेत्र का मान
हरेड़ की बेटी मोनिका धरवाल ने एम्स नई दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर बनकर बढ़ाया क्षेत्र का मान

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 18, 2026 12:04 p.m. 1859

बैजनाथ क्षेत्र के हरेड़ गांव की होनहार बेटी मोनिका धरवाल ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और निरंतर प्रयास करते हुए देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर चयनित होकर एक नया इतिहास रच दिया है।

मोनिका की सफलता की कहानी संघर्ष, समर्पण और आत्मविश्वास की प्रेरक मिसाल है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दसवीं कक्षा तक अपने ही गांव हरेड़ से पूरी की। इसके बाद जमा दो की पढ़ाई कंदराल स्कूल से की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने जोगिंदरनगर से नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान उन्हें कई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी ध्यान नहीं हटने दिया।

कठिन परिस्थितियों में भी मोनिका ने दिन-रात मेहनत की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी लगन से की। उनका सपना था कि वे स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान दें और अपने परिवार का नाम रोशन करें। अंततः उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें एम्स नई दिल्ली जैसे देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थान में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर चयनित होने का गौरव प्राप्त हुआ।

मोनिका ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता शकुंतला देवी और स्वर्गीय पिता मूल राज को दिया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के संस्कार, आशीर्वाद और प्रेरणा ने उन्हें हर कठिनाई में मजबूत बनाए रखा। विशेष रूप से अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनका सपना था कि उनकी बेटी एक बड़े पद पर पहुंचे और समाज की सेवा करे।

उनकी इस सफलता से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा बैजनाथ क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मोनिका की यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

मोनिका की कहानी यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते। उनके संघर्ष और सफलता ने यह संदेश दिया है कि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।

बैजनाथ और हरेड़ गांव के लोगों ने मोनिका को ढेरों शुभकामनाएँ दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा की किरण है।

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