हिमाचल में मौसम ने ली अचानक करवट, तेज हवाएं-बारिश से किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता
हिमाचल में मौसम ने ली अचानक करवट, तेज हवाएं-बारिश से किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता

Post by : Himachal Bureau

April 28, 2026 10:33 a.m. 834

हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को जहां ऊना में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था और भीषण गर्मी का असर देखने को मिला था, वहीं मंगलवार सुबह से ठंडी हवाएं चलने लगीं और कई जगहों पर बादल छा गए। राजधानी शिमला में भी सुबह के समय तेज तूफान के साथ मौसम ठंडा हो गया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में 28 और 29 अप्रैल को ओलावृष्टि और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा 28 अप्रैल से 3 मई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।

इस बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। ऊना जिले के कई इलाकों में गेहूं की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन खेतों में अभी भी काफी मात्रा में तूड़ी पड़ी हुई है। मंगलवार सुबह अचानक काले बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी शुरू होने से किसानों में अफरा-तफरी मच गई। किसान तुरंत अपने खेतों की ओर दौड़े और तूड़ी को बचाने के लिए तिरपाल से ढकने लगे। अगर तेज बारिश होती है, तो कटी हुई फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार मौसम अब तक अनुकूल रहा था, लेकिन अचानक बदलाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। जिन किसानों की फसल अभी खेतों में पड़ी है या कटाई बाकी है, उनके लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया है। वहीं बागवानों को भी मौसम अपडेट के अनुसार ओलावृष्टि से फलों को नुकसान का डर सता रहा है।

सोलन जिले में भी मौसम ने पूरी तरह से रुख बदल लिया है। सोमवार की तेज धूप के बाद मंगलवार सुबह से आसमान में काले बादल छा गए और हल्की बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण ठंडक बढ़ गई है और पूरे क्षेत्र में धुंध का असर देखने को मिला। हालांकि ऊपरी क्षेत्रों के किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है, क्योंकि इन दिनों टमाटर की बुवाई के लिए पानी जरूरी होता है।

आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन किसान चिंता और फसल नुकसान का खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए सभी लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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