Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और लगातार हो रही वर्षा ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अधिकांश जिलों में रविवार को भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे जनजीवन पर व्यापक प्रभाव देखने को मिला। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कों के बंद होने और आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 18 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है। हालांकि फिलहाल किसी भी जिले के लिए अत्यधिक बारिश का विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि मनाली में 50 मिलीमीटर, सराहन में 40 मिलीमीटर, रोहड़ू में 30 मिलीमीटर तथा शिमला शहर में लगभग 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अतिरिक्त मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा और शिमला सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की मिट्टी कमजोर पड़ रही है, जिससे भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में 60 से अधिक सड़कें अभी भी यातायात के लिए बंद पड़ी हुई हैं। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और चट्टानें गिरने के कारण सड़क संपर्क बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग लगातार मशीनों की सहायता से मलबा हटाने और सड़कें बहाल करने का कार्य कर रहा है। इसके अलावा अनेक क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है तथा कई ट्रांसफार्मर बंद होने से लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल योजनाओं पर भी वर्षा का असर देखने को मिल रहा है और कई ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति बाधित हुई है।
राजधानी शिमला में रविवार सुबह एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई। शहर के लिफ्ट क्षेत्र के समीप कांग्रेस कार्यालय के सामने पहाड़ी से अचानक मलबा और पेड़ मुख्य सड़क पर आ गिरे। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्ट रोड से सब्जी मंडी जाने वाले मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
लगातार वर्षा का प्रभाव केवल शहरों तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ गई है क्योंकि लगातार नमी और बारिश से फसलों तथा बागवानी पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर छोटे पुलों और संपर्क मार्गों पर भी पानी का दबाव बढ़ गया है।
चंबा जिले में भी पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और घर से निकलने से पहले मौसम तथा सड़कों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़कें बंद होने के कारण राहत और पुनर्स्थापना कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है। लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड तथा जल शक्ति विभाग संयुक्त रूप से सेवाओं को सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं। जहां-जहां सड़कें बाधित हैं, वहां मशीनरी और कर्मचारियों की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता उन मार्गों को दी जा रही है जो अस्पतालों, स्कूलों और मुख्य बाजारों को जोड़ते हैं।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोग पहले संबंधित विभागों से सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से भी मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
Read Also: हिमाचल के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब, तापमान में तेज गिरावट दर्ज
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। यदि वर्षा का सिलसिला इसी प्रकार चलता रहा तो कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव और सड़क बाधित होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी अपील की गई है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें और किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से बचें।
लगातार हार के बाद भारतीय टीम पर बीसीसीआई की नजर, कप्तान और क...
England T20 Series में हार के बाद BCCI भारतीय टीम के प्रदर्शन की जांच करेगा। कप्तान Shreyas Iyer और
कांगड़ा के शाहपुर में पुलिस थाने के बाहर गिरे बुजुर्ग, अस्पत...
Kangra News: शाहपुर में बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने से मौत, Police ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मौत क
हिमाचल में बारिश का कहर, 310 सड़कें बंद, कई घरों पर भूस्खलन ...
हिमाचल प्रदेश में Heavy Rain से 310 सड़कें बंद, कई जगह भूस्खलन, 400 ट्रांसफार्मर और 50 पेयजल योजनाएं
HP Police Constable Recruitment: हिमाचल पुलिस भर्ती में डोप ...
HP Police Constable Recruitment में 734 पदों पर भर्ती, चार चरणों में चयन, डोप टेस्ट अनिवार्य, लिखित
हिमाचल हाईकोर्ट ने पूर्व डीजीपी को दी राहत, कारोबारी की शिका...
पूर्व डीजीपी संजय कुंडू को High Court से राहत मिली। Threat Case, SIT Report और FIR से जुड़े मामले मे
कांगड़ा में तीन दिन से लापता युवक का मिला शव, पुलिस हर पहलू ...
कांगड़ा में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी। Police Investigation, Forensic Team और Postmortem Repor
चेन्नई में पहली बार गूंजेगा बिग बैश लीग का रोमांच, 12 दिसंबर...
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऐलान किया है कि Big Bash League का पहला Overseas Match भारत में होगा। चेन्नई