एनआईटी हमीरपुर में शोध और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण शुरू
एनआईटी हमीरपुर में शोध और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण शुरू

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

July 13, 2026 5 p.m. 150

हमीरपुर में स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में शोध, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्थान में शोध को प्रयोगशालाओं से निकालकर समाज और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी उत्पादों में बदलने के उद्देश्य से एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम 13 जुलाई से 17 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए शिक्षकों, शोधकर्ताओं, नवाचारकर्ताओं और युवा उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल अकादमिक शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध के परिणामों को व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार करना, नई तकनीकों का विकास करना तथा युवाओं में आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की भावना को मजबूत करना भी है। 

उद्घाटन समारोह में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से आए विशेषज्ञ ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल शोध पत्र प्रकाशित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शोध को समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी तकनीकों और उत्पादों में परिवर्तित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच मजबूत सहयोग स्थापित किए बिना नवाचार को गति नहीं मिल सकती।उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों और शोधार्थियों को नई सोच अपनाने तथा अपने शोध को व्यावहारिक रूप देने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर तकनीकी नेतृत्व प्रदान करने के लिए ऐसे प्रयास लगातार बढ़ाए जाने चाहिए।

संस्थान ने उद्यमिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई

संस्थान के निदेशक ने अपने संबोधन में बताया कि संस्थान लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है जिनसे विद्यार्थियों और शिक्षकों के भीतर उद्यमिता की भावना विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया जैसी राष्ट्रीय योजनाओं के अनुरूप संस्थान में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन, मार्गदर्शन, उद्योगों के साथ साझेदारी और तकनीकी सहयोग जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो भविष्य में रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें।

देशभर से पहुंचे प्रतिभागी

कार्यक्रम की संयोजक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों से 55 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को शोध, नवाचार, तकनीकी विकास, व्यवसाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया तथा उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करने की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ प्रतिभागियों को रिसर्च से लेकर उत्पाद विकास, बाजार विश्लेषण, व्यावसायिक रणनीति, कंपनी गठन, निवेश प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा तकनीकी नवाचार को उद्योग तक पहुंचाने के विभिन्न चरणों की जानकारी देंगे।

विशेषज्ञ देंगे व्यावहारिक प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों, वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं तथा उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रतिभागियों को विचार से उत्पाद तक की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी ताकि वे भविष्य में अपने संस्थानों में भी नवाचार संस्कृति को मजबूत कर सकें।विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि किसी नए विचार को सफल व्यवसाय में बदलने के लिए किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उन्हें किस प्रकार दूर किया जा सकता है। इसके अलावा प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा उद्योगों के साथ साझेदारी स्थापित करने के व्यावहारिक तरीके भी बताए जाएंगे।

युवाओं को मिलेगा नया मंच

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है, जिनका उद्देश्य युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इनमें मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं।आयोजकों का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को आपस में जोड़ने के लिए एक साझा मंच भी तैयार किया जाएगा, जिससे देशभर के संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता से जुड़े विचारों का आदान-प्रदान लगातार होता रहे। इससे नए शोध, नई तकनीकों और नए उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है 

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शोध से उद्योग तक का सफर होगा आसान

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में केवल शोध करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे समाज और उद्योग के लिए उपयोगी बनाना भी उतना ही आवश्यक है। यही कारण है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों और शोधकर्ताओं को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।कार्यक्रम के समापन के बाद प्रतिभागी अपने-अपने संस्थानों में नवाचार संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे। इससे प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में एनआईटी हमीरपुर की यह पहल शोध, तकनीकी विकास और उद्यमिता को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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