हिमाचल राज्यसभा चुनाव: 'मित्र मंडली' और भ्रष्टाचार पर गरमाई सियासत
हिमाचल राज्यसभा चुनाव: 'मित्र मंडली' और भ्रष्टाचार पर गरमाई सियासत

Post by : Himachal Bureau

March 9, 2026 4:01 p.m. 112

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राज्यसभा सीट के चयन और प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार के मुद्दों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा के दिग्गज नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

भाजपा नेता राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए राज्यसभा सीट की 'खरीद-फरोख्त' का दावा किया है। राणा ने तीखा सवाल किया कि आखिर यह सीट कितने में बेची गई और क्या इस सौदे की अंतिम बातचीत दुबई में तय हुई थी? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आनंद शर्मा जैसे कद्दावर और अनुभवी नेताओं को दरकिनार कर मुख्यमंत्री के करीबी अनुराग शर्मा को तरजीह दी है, जिससे पार्टी के भीतर गहरा असंतोष है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में एक प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की सरकार मंत्रिमंडल से नहीं, बल्कि एक सीमित 'मित्र मंडल' द्वारा चलाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की नीतियां और संसाधन केवल इसी मित्र मंडली की प्राथमिकताओं के आधार पर तय किए जा रहे हैं, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने राज्यसभा उम्मीदवार अनुराग शर्मा के चयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस उम्मीदवार को 'साधारण कार्यकर्ता' बताकर पेश किया गया, उनके शपथपत्र में 230 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और बड़े सरकारी ठेकों का विवरण सामने आया है। ठाकुर ने सवाल किया कि यदि यही साधारण कार्यकर्ता की परिभाषा है, तो सालों से सेवा कर रहे अन्य समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका क्यों नहीं मिला?

विपक्ष ने प्रदेश में हो रहे अवैध वन कटान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। सिरमौर के शिलाई में मात्र 25 पेड़ काटने की अनुमति के बदले 300 से अधिक पेड़ काटे जाने और मंडी में हजारों ट्रक लकड़ी के अवैध कटान के मामलों का उल्लेख करते हुए जयराम ठाकुर ने इसे 'राजनीतिक संरक्षण' में हुआ घोटाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मामलों की जांच को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

जयराम ठाकुर ने अपनी पिछली भाजपा सरकार की हिमकेयर, सहारा और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि आज प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के आधिकारिक दौरों की गोपनीयता पर भी सवाल उठाए और कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ऐसी कार्यप्रणाली कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

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