हिमाचल में नशा विरोधी अभियान तेज, मेगा वॉकथॉन का दूसरा चरण शुरू
हिमाचल में नशा विरोधी अभियान तेज, मेगा वॉकथॉन का दूसरा चरण शुरू

Post by : Himachal Bureau

May 23, 2026 3:10 p.m. 1569

प्रदेश सरकार द्वारा नशीले पदार्थों और विशेष रूप से चिट्टे जैसे खतरनाक मादक पदार्थों के पूर्ण उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा जागरूकता अभियान अब और अधिक व्यापक रूप लेने जा रहा है। इस दिशा में शुरू किए गए मेगा वॉकथॉन के दूसरे चरण की शुरुआत दो जून से की जाएगी, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना और समाज को इस बुराई से दूर रखना है। जिन जिलों में अभी तक यह मेगा वॉकथॉन आयोजित नहीं हो पाया है, वहां मुख्यमंत्री की अगुवाई में बड़े स्तर पर रैलियों का आयोजन दो जून से 20 अगस्त तक किया जाएगा।

राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि सरकार नशे के खिलाफ सख्त और लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। इस अवधि में लगभग 10357 लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर मामलों में शामिल किया गया है, जबकि वर्तमान में 176 बड़े तस्कर जेल में बंद हैं। यह कार्रवाई राज्य में नशे के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 6811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में 33.18 प्रतिशत अधिक हैं। यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि राज्य में नशे के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है। इन मामलों में अब तक 45864 किलोग्राम नशीले पदार्थों की बरामदगी की जा चुकी है, जिसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

नशा निवारण अभियान के तहत प्रवर्तन एजेंसियों ने वित्तीय जांच पर भी विशेष ध्यान दिया है। एसटीएफ द्वारा 300 वित्तीय मामलों की निगरानी की गई, जिनमें से 76 मामलों में अवैध संपत्ति से जुड़े प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 13 अवैध संपत्तियों को नियमों के अनुसार ध्वस्त भी किया गया है, ताकि नशे के कारोबार से जुड़ी आर्थिक जड़ों को खत्म किया जा सके।

सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अब तक 23 सरकारी कर्मचारियों को भी सेवा से बर्खास्त किया है, जो इस अवैध गतिविधि में शामिल पाए गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं कर रही है।

इसी दौरान नरेश ठाकुर ने विपक्षी दल भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व संयोजक ओपी शर्मा द्वारा सरकार और मुख्यमंत्री पर की जा रही टिप्पणियां केवल राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से की जा रही हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास बताया और कहा कि सरकार नशे के खिलाफ अपने काम को पूरी ईमानदारी और गंभीरता के साथ आगे बढ़ा रही है।

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