डॉ. बलवंत राय मेहता की 127वीं जयंती सत्य-प्रेम भवन, भुट्टि कालोनी में हर्षोल्लास से मनाई गई
डॉ. बलवंत राय मेहता की 127वीं जयंती सत्य-प्रेम भवन, भुट्टि कालोनी में हर्षोल्लास से मनाई गई

Author : Beli Ram Ani, District Kullu

Feb. 20, 2026 11:22 a.m. 145

अखिल भारतीय पंचायत परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. बलवंत राय मेहता की 127वीं जयंती सत्य-प्रेम भवन भुट्टि कालोनी में बड़े हर्षोल्लास और सम्मान के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बलवंत राय मेहता के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। वातावरण श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा से भरा हुआ था।

डॉ. बलवंत राय मेहता को पंचायती राज व्यवस्था में विकेंद्रीकरण का सूत्रधार माना जाता है। उन्होंने देश में लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत करने का विचार प्रस्तुत किया। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप पंचायत समिति और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था की अवधारणा विकसित हुई, जिसने ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनका मानना था कि लोकतंत्र की असली ताकत गांवों में निहित है और जब तक निर्णय लेने की प्रक्रिया गांव स्तर तक नहीं पहुंचेगी, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।

इस समारोह में अखिल भारतीय पंचायत परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री ठाकुर सत्य प्रकाश विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पंचायतों का कार्य केवल क्षेत्रीय विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास से भी सीधा जुड़ा हुआ है।

उन्होंने डॉ. बलवंत राय मेहता को पंचायती राज विचारधारा का युगपुरुष बताते हुए कहा कि उनका योगदान आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना स्वतंत्रता के बाद के दौर में था।

महासचिव किशन ठाकुर ने अपने संबोधन में सरकार से पंचायत राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों में और मजबूती मिलनी चाहिए, ताकि वे स्थानीय समस्याओं का समाधान स्वयं कर सकें।

गुलज़ार मुहम्मद भारती ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को जनभावनाओं और संवैधानिक अधिकारों से और अधिक जोड़ने की आवश्यकता है, जिससे लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हों।

कार्यक्रम में लोकनायक जयप्रकाश नारायण, डॉ. एस. के. डे, डॉ. लाल सिंह त्यागी, पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों की सराहना की गई।

विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस ऐतिहासिक निर्णय को याद किया गया, जिसके माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया। यह निर्णय भारतीय लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

अपने संबोधन में ठाकुर सत्य प्रकाश ने कहा कि वर्तमान समय में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुख्खू पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत करने के लिए गंभीर और संवेदनशील हैं।

उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को और अधिक अधिकार और संसाधन दिए जाएं, तो डॉ. बलवंत राय मेहता के सपनों को साकार किया जा सकता है। पंचायतें केवल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा हैं।

हिमाचल प्रदेश राज्य पंचायत परिषद की अध्यक्ष प्रेमलता ठाकुर ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नए मसौदे के साथ पंचायतों को एक नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से पंचायत और पंचायती राज संस्थाएं और अधिक प्रभावशाली तथा जनहितकारी बनेंगी।

इस अवसर पर पूर्व प्रधान ईशरा देवी, हर्षा ठाकुर, पूर्व जिला परिषद सदस्य किशन ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष पंचायत समिति बंजार चन्द्र वल्लभ नेगी, पूर्व उपप्रधान नीरज ठाकुर, पूर्व समिति सदस्य सेना पाल शर्मा, पूर्व पंच पवना ठाकुर, रामदेई, ओम चन्द, रमेश ठाकुर सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और डॉ. बलवंत राय मेहता के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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