Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए आयोजित किए जाने वाले टैलेंट हंट कार्यक्रम का पोस्टर जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार होती है तथा राज्य सरकार हर बच्चे को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी सितंबर माह में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी। चयन प्रक्रिया के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना है जिनमें क्षमता तो है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे अपनी प्रतिभा को पूरी तरह निखार नहीं पाते।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत एक विशेष टैलेंट हंट आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के मेधावी छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। चयनित विद्यार्थियों को आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही श्रेष्ठ विद्यार्थियों का एक विशेष समूह तैयार किया जाएगा, जिसे उच्च स्तर की शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्थान की ओर से प्रदेश के 15 जरूरतमंद बच्चों को पूरी तरह निशुल्क नीट कोचिंग और जेईई कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। इन विद्यार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उनकी पढ़ाई के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री भी पूरी तरह मुफ्त प्रदान की जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के हजारों अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का विशेष दर्जा प्रदान किया गया है। इस पहल के तहत सरकार उनके पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी निभा रही है ताकि कोई भी बच्चा अवसरों की कमी के कारण पीछे न रह जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधवा और एकल महिलाओं के बच्चों की शिक्षा को लेकर भी सरकार गंभीर है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऐसे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके और अपने सपनों को साकार कर सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास केवल विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास से भी जुड़े हुए हैं। मेधावी छात्र ही भविष्य में प्रदेश और देश की प्रगति के वाहक बनेंगे। इसलिए सरकार शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और संस्थान के प्रतिनिधियों ने भी इस पहल को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार की योजनाएं प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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