जसवां के सूरज शर्मा का TIET पटियाला में गणित में पीएचडी चयन, भविष्य में शिक्षण और शोध में योगदान
जसवां के सूरज शर्मा का TIET पटियाला में गणित में पीएचडी चयन, भविष्य में शिक्षण और शोध में योगदान

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Jan. 29, 2026 1:13 p.m. 234

हिमाचल प्रदेश के जसवां-प्रागपुर क्षेत्र के धरोहर गांव गरली के युवा सूरज शर्मा ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सूरज शर्मा का चयन थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (TIET), पटियाला, पंजाब में पीएचडी (गणित) कार्यक्रम के लिए हुआ है।

सूरज शर्मा ने संस्थान की प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार सफलता पूर्वक उत्तीर्ण कर मेरिट सूची में अपना स्थान प्राप्त किया। चयन के साथ ही उन्हें संस्थान की ओर से शोध कार्य हेतु स्टाइपेंड (वृत्तिका) भी प्रदान की जाएगी, जो उनके शैक्षणिक और शोध गतिविधियों में मददगार साबित होगी।

सूरज शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी देहरा गोपीपुर से पूरी की, जहाँ उन्होंने वर्ष 2017 में 12वीं कक्षा 90% अंकों के साथ उत्तीर्ण की और विद्यालय के Top 5 Students में शामिल रहे। इसके बाद उन्होंने बी.एससी. (ऑनर्स) गणित (2017–2020) में 71% अंक प्राप्त कर डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU), शिमला से एम.एससी. (गणित एवं सांख्यिकी) (2023–2025) में 70.2% अंक प्राप्त कर स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। विद्यालय स्तर पर उन्हें LIC Student of the Year 2015 का पुरस्कार भी मिल चुका है।

सूरज शर्मा की शोध रुचि Mathematical Biology (गणितीय जीवविज्ञान) में है। इस क्षेत्र में वे गणितीय मॉडलिंग और अनुप्रयुक्त गणित के माध्यम से जैविक प्रणालियों का अध्ययन करेंगे। उनका उद्देश्य भविष्य में गणित के प्रोफेसर बनकर शिक्षण और शोध के क्षेत्र में योगदान देना है।

सूरज शर्मा के परिवार की जानकारी के अनुसार, उनकी माता ममता शर्मा गृहिणी हैं, जबकि उनके पिता संजय शर्मा गरली–प्रागपुर क्षेत्र में मिठाई और स्वीट बॉक्स के व्यवसाय से जुड़े हैं। इस उपलब्धि पर परिवारजनों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने अत्यंत प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया।

सूरज शर्मा ने इस अवसर पर कहा, “धैर्य, दृढ़ संकल्प और परिवार व मित्रों का निरंतर सहयोग—ये जीवन में उपलब्धि हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इस सफलता ने उन्हें और अधिक शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।

इस चयन के साथ ही हिमाचल प्रदेश का युवा प्रतिभा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में सक्षम हुआ है। Mathematical Biology के क्षेत्र में उनका शोध न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि शिक्षा और जैविक अनुसंधान के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगा।

सूरज शर्मा का यह चयन यह संदेश देता है कि कड़ी मेहनत, लगन और पारिवारिक सहयोग किसी भी युवा को बड़े स्तर पर सफलता दिला सकता है। आगामी वर्षों में उनके शोध और शिक्षण क्षेत्र में योगदान से ना केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे भारत में गणितीय और वैज्ञानिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी।

इस उपलब्धि के साथ, सूरज शर्मा ने अपने गांव, परिवार और पूरे प्रागपुर-जसवां क्षेत्र का नाम गौरवपूर्ण तरीके से रोशन किया है। उनकी यह सफलता युवा पीढ़ी के लिए प्रेरक उदाहरण बनेगी कि शिक्षा, समर्पण और मेहनत से कोई भी उच्चतम शिखर हासिल किया जा सकता है।

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