Post by : Khushi Joshi
हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्य में लंबे समय से लंबित रेल विस्तार योजनाओं को अब गति मिलने के संकेत हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने लोकसभा में कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के प्रश्न के उत्तर में प्रदेश की अहम रेल परियोजनाओं की ताजा स्थिति साझा की है, जिससे यह साफ हो गया है कि हिमाचल में रेलवे के भविष्य को लेकर केंद्र गंभीरता से काम कर रहा है।
रेल मंत्री ने सदन को बताया कि सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरो गेज रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने की दिशा में बड़ा काम पूरा कर लिया गया है। करीब 200 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के लिए सर्वे का कार्य समाप्त हो चुका है और अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से कांगड़ा घाटी और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी आसान होगी।
रेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि 57 किलोमीटर लंबी जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन का सर्वे भी किया गया है, हालांकि वर्तमान में वहां यात्री और माल यातायात की संभावनाएं कम आंकी गई हैं। इसके बावजूद भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस लाइन को भी योजना में शामिल रखा गया है, ताकि आने वाले वर्षों में जरूरत पड़ने पर इसे आगे बढ़ाया जा सके।
देश की सबसे महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं में शामिल बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे लाइन को लेकर भी रेल मंत्री ने अहम खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर अनुमानित 1 लाख 31 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह रेल लाइन लगभग 489 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका बड़ा हिस्सा पहाड़ी इलाकों के नीचे सुरंगों के माध्यम से गुजरेगा। करीब 270 किलोमीटर लंबा हिस्सा सुरंगों में प्रस्तावित है, जो इसे इंजीनियरिंग के लिहाज से देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में से एक बनाता है।
यह रेल लाइन सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके माध्यम से लद्दाख और सीमावर्ती क्षेत्रों तक साल भर बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा। साथ ही इससे हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों के विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन परिस्थितियों में यह रेल परियोजना अहम भूमिका निभा सकती है।
कुल मिलाकर केंद्र सरकार की इन योजनाओं से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश में रेलवे ढांचे को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी की जा रही है। आने वाले समय में यदि ये परियोजनाएं धरातल पर उतरती हैं, तो राज्य की कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था और सामरिक मजबूती को बड़ा लाभ मिल सकता है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट सत्र में पेश की हिमाचल के विकास और...
Himachal Budget 2026: CM Sukhu ने Development, Employment, Agriculture और Tourism योजनाओं से आम जनता
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नाली में मिला युवक का शव, पुलिस न...
Baddi, Barotiwala थाना क्षेत्र के नैना अपार्टमेंट के पास युवक का Suspicious Death, शव Postmortem के
डलहौजी में सड़क हादसा: खाई में गिरी कार, दो युवकों की मौत, च...
Dalhousie के Jandari Ghat-Karelnu Road पर सड़क हादसे में दो युवकों की मौत और चार गंभीर Injured, पुलि
पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर नया उपकर, अनाथ बच्चों और विधवाओ...
Himachal सरकार Petrol और Diesel पर Cess लगाकर Orphan और Widow Support के लिए Fund बनाएगी, कमजोर वर्ग
सुजानपुर की बेटी स्वाति ठाकुर बनीं सहायक प्रोफेसर, क्षेत्र म...
सुजानपुर की Swati Thakur ने Assistant Professor बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया, मेहनत और dedication स
हिमाचल बजट में आत्मनिर्भरता पर जोर, किसानों और मछुआरों के लि...
हिमाचल Budget 2026 में किसानों के लिए MSP बढ़ा, Fisheries Sector को बढ़ावा, Self Reliance पर सरकार क
बिलासपुर की छात्रा शिवानी ने HPTU परीक्षा में पहला स्थान हास...
बिलासपुर की Student Shivani ने HPTU Exam में प्रथम स्थान हासिल किया, Shiva Institute of Pharmacy का