मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने RDG ग्रांट बंद होने को हिमाचल के लिए गंभीर संकट बताया
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने RDG ग्रांट बंद होने को हिमाचल के लिए गंभीर संकट बताया

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 2, 2026 11:47 a.m. 145

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वर्तमान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब सभी ग्राम पंचायतों को चुने हुए प्रतिनिधियों की जगह प्रशासकों के हवाले कर दिया जाएगा। शिमला से जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि एक फरवरी से प्रदेश की लगभग 3600 पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति की जा रही है, जिससे पंचायती राज व्यवस्था पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि इस फैसले के बाद पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य केवल नाममात्र के पदों पर रह जाएंगे। उनके हस्ताक्षरों और निर्णयों का कोई महत्व नहीं बचेगा। करीब 30 हजार से अधिक चुने हुए जनप्रतिनिधि पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाएंगे और प्रदेश की लाखों ग्रामीण आबादी को स्थानीय प्रतिनिधित्व से वंचित कर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को जबरन सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासकों के अधीन किया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने वाली सरकार आज उसी गांधी के पंचायती राज और ग्राम स्वराज के सपने को खत्म कर रही है। उन्होंने इसे सरकार की कथनी और करनी का सबसे बड़ा विरोधाभास बताया। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा पिछले छह महीनों से लगातार चेतावनी दे रही थी कि सरकार पंचायत चुनाव जानबूझकर टाल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्री बार-बार जनता को गुमराह करते रहे कि चुनाव समय पर होंगे।

उन्होंने कहा कि आज सच्चाई सबके सामने है। 31 जनवरी को पंचायतों और स्थानीय निकायों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और सरकार चुनाव कराने में असफल रहने के कारण अब प्रशासक नियुक्त कर रही है। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जो मुख्यमंत्री और मंत्री जनता को भरोसा दिला रहे थे, वे अब अपने झूठ का जवाब कैसे देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने पंचायत चुनाव टालने के लिए आपदा प्रबंधन कानून का सहारा लिया, लेकिन माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उसे चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बावजूद सरकार की लापरवाही और हठधर्मिता जारी है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि 30 जनवरी तय की थी, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी कई पंचायतों की मतदाता सूची प्रकाशित नहीं की गई।

जयराम ठाकुर ने कहा कि अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद सरकार का यह रवैया चौंकाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से न्यायालय पर की गई टिप्पणियों से भी सरकार की मानसिकता साफ झलकती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह अपनी जिद छोड़कर संवैधानिक जिम्मेदारियों का पालन करे।

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में दिनदहाड़े फिल्मी अंदाज में गोलियां चल रही हैं और आम लोगों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है। उन्होंने कहा कि बद्दी में एसपी आवास से कुछ किलोमीटर की दूरी पर खुलेआम फायरिंग की घटना इसका ताजा उदाहरण है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि प्रदेश में इस तरह की वारदातें आम होती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। शराब माफिया, खनन माफिया, वन माफिया, स्क्रैप माफिया, उद्योग माफिया और नशा माफिया सरकार की छत्रछाया में फल-फूल रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने सरकार को पहले ही आगाह किया था कि माफिया को संरक्षण देना प्रदेश की संस्कृति के खिलाफ है और इससे सरकार की साख को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पुलिस प्रशासन भी इन माफिया तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा है, जिससे प्रदेश में अराजकता बढ़ती जा रही है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #राजनीति #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #सुखविंदर सिंह सुक्खू
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
चांजू नाला भूस्खलन से चंबा-तीसा मार्ग 12 घंटे रहा बंद सरकाघाट में आतंक मचाने वाला खूंखार तेंदुआ आखिरकार पकड़ा गया शाहपुर में सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी, दो करोड़ से बनेगा प्लांट आय घटने से निगम पर बढ़ा आर्थिक दबाव चार करोड़ की कमी जाहू उपतहसील में फोटोस्टैट सेवाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित कुठार में अवैध निर्माण पर टीसीपी विभाग की कार्रवाई नोटिस जारी कीमती धातुओं में जोरदार उछाल सोना-चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड पांगी घाटी में दिखा हिमालयन थार का दुर्लभ झुंड