कच्चे घरों में रहने वाले गरीबों को सरकार देगी पक्के मकान
कच्चे घरों में रहने वाले गरीबों को सरकार देगी पक्के मकान

Post by : Himachal Bureau

Jan. 10, 2026 5:51 p.m. 364

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उन पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध करवाएगी, जो अभी भी कच्चे घरों में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अतिनिर्धन परिवारों की पहचान के लिए किए गए सर्वे के पहले चरण में 27,715 परिवारों को शामिल किया गया है, जो पिछले 20 वर्षों से आईआरडीपी में जुड़े हैं, लेकिन अब तक उन्हें पक्का घर नहीं मिल पाया। इस चरण में 50 हजार रुपये वार्षिक आय सीमा तय की गई थी और जिनके पास पहले से पक्का मकान था, उन्हें इसमें शामिल नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वे के दूसरे चरण में उन परिवारों को भी जोड़ा गया है, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। इसके बाद 35,355 और परिवार अतिनिर्धन श्रेणी में शामिल हुए हैं और अब इनकी कुल संख्या 63,070 हो गई है। उन्होंने बताया कि तीसरे चरण में अनाथ, दिव्यांग और विधवाओं को भी इस सूची में जोड़ा जाएगा। आगे चौथे और पांचवें चरण में भी सर्वे किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस योजना से वंचित न रहे।

सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज विभाग को मजबूत करने के लिए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेगी। पंचायतों में कनिष्ठ अभियंताओं की नियुक्ति भी की जाएगी, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर देना है। इसके लिए स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की असली भावना है। उन्होंने दोहराया कि सामाजिक न्याय और जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जननी सुरक्षा ड्रॉप बैक एंबुलेंस को बदलने के निर्देश भी दिए। इसके तहत 125 एंबुलेंस बदली जाएंगी, जिस पर करीब 10.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए एल्डरली और पैलिएटिव केयर कार्यक्रम के तहत लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शय्याग्रस्त मरीजों को घर पर ही जांच और इलाज की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त इंसुलिन पंप दिए जाएंगे, जिस पर करीब 2.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही नशे की चपेट में आए युवाओं के पुनर्वास के लिए पुनर्वास केंद्रों को और मजबूत किया जाएगा।

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