नादौन की शादी में अनुराग ठाकुर ने दिखाया सादगी का उदाहरण, दिया भोजन बचाने का संदेश
नादौन की शादी में अनुराग ठाकुर ने दिखाया सादगी का उदाहरण, दिया भोजन बचाने का संदेश

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 9, 2026 12:08 p.m. 2550

हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र में एक निजी विवाह समारोह के दौरान सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी की अनोखी मिसाल देखने को मिली। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने अपने व्यवहार से सभी का ध्यान आकर्षित किया और उपस्थित लोगों के दिल जीत लिए।

विवाह समारोह के दौरान जब भोजन परोसा गया, तो अनुराग ठाकुर स्वयं अपनी थाली उठाकर खाने की व्यवस्था की कतार में खड़े नजर आए। इतना ही नहीं, भोजन के बाद थाली में बचा हुआ पानी उन्होंने व्यर्थ बहाने के बजाय सावधानीपूर्वक अपनी जेब में रख लिया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए प्रेरणादायक बन गया और उनकी सादगी की हर ओर सराहना होने लगी।

इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने शादी समारोह में उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया। उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी समारोह में खाने और पानी को व्यर्थ न गवाएं, क्योंकि यह केवल संसाधनों की बर्बादी नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि देश में आज भी ऐसे कई लोग हैं जिन्हें भरपेट भोजन और स्वच्छ पानी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता, ऐसे में हमें हर बूंद पानी और हर कौर भोजन का सम्मान करना चाहिए।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि बड़े आयोजनों और शादियों में अक्सर जरूरत से ज्यादा भोजन तैयार कर दिया जाता है, जिससे भारी मात्रा में खाना और पानी बर्बाद होता है। यदि हर व्यक्ति थोड़ी सी जिम्मेदारी दिखाए और अपनी आवश्यकता के अनुसार ही भोजन ले, तो इस बर्बादी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

उनकी इस पहल और व्यवहार का समारोह में मौजूद लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा। कई लोगों ने इसे एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान बताते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर न केवल मंचों से बल्कि अपने आचरण से भी समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।

स्थानीय लोगों और पत्रकार जगत से जुड़े लोगों ने भी उनकी इस सादगी और संवेदनशीलता की खुलकर प्रशंसा की। समारोह में यह चर्चा का विषय बन गया कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी अनुराग ठाकुर जमीन से जुड़े रहकर सामाजिक मूल्यों को महत्व देते हैं।

इस विवाह समारोह में अनुराग ठाकुर की यह पहल न केवल एक व्यक्तिगत उदाहरण रही, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गई कि छोटे-छोटे कदम उठाकर भी हम बड़े सामाजिक बदलाव की शुरुआत कर सकते हैं। भोजन और पानी की बचत जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है, और इस दिशा में दिया गया उनका संदेश लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।

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