सही और गुणवत्तापूर्ण डाटा से ही बनती हैं प्रभावी योजनाएं: गंधर्वा राठौड़
सही और गुणवत्तापूर्ण डाटा से ही बनती हैं प्रभावी योजनाएं: गंधर्वा राठौड़

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 9, 2026 4:15 p.m. 104

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिले के सभी अधिकारियों और विभागों से आग्रह किया है कि वे फील्ड में डाटा एकत्रित करते समय उसकी सटीकता और गुणवत्ता (Accuracy और Quality) का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता इसी डाटा की विश्वसनीयता पर निर्भर करती है।

सोमवार को हमीर भवन में आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि यदि डाटा सही और सटीक नहीं होगा तो योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित होगा और जनता तक योजनाओं का लाभ सही समय पर नहीं पहुँच पाएगा। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि वे डाटा को नियमित रूप से अपडेट करें और समय पर समीक्षा करें।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में जनसंख्या, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, उद्यमिता, कृषि, पशुपालन और अन्य विकास से संबंधित सभी महत्वपूर्ण आंकड़े विभिन्न विभागों के माध्यम से नियमित रूप से एकत्रित किए जाते हैं। यही डाटा जिला सुशासन सूचकांक (District Governance Index) में रैंकिंग और सरकारी योजनाओं की सफलता का आधार बनता है।

उन्होंने सभी विभागों के जिला प्रमुखों को निर्देश दिए कि अपने कार्यालयों में डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए हर विभाग में एक नोडल अधिकारी (Nodal Officer) नियुक्त करें। नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी आंकड़े समय पर अपडेट किए जाएँ और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर जिला सांख्यिकीय अधिकारी अशोक कुमार ने उपायुक्त और उपस्थित अधिकारियों का स्वागत करते हुए डाटा संग्रहण की प्रक्रिया और इसके महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। सांख्यिकीय सहायक जीवन कुमार ने डाटा एकत्रीकरण में आने वाली समस्याओं और गुणवत्ता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को जिला सुशासन सूचकांक के मानकों और डाटा के सही उपयोग से होने वाले लाभ के बारे में भी अवगत कराया।

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जोर देकर कहा कि फील्ड में डाटा संग्रह करते समय कोई भी लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि हर आंकड़ा सटीक, विश्वसनीय और समय पर उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सटीक और भरोसेमंद डाटा के बिना कोई योजना प्रभावी नहीं हो सकती।

उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर डाटा संग्रहण की प्रक्रिया में सुधार लाना और अधिकारियों को इसके महत्व के प्रति जागरूक करना है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने डाटा को समय-समय पर अपडेट करें और उसका विश्लेषण करते रहें।

अंत में उपायुक्त ने कहा कि सही और विश्वसनीय डाटा के आधार पर ही सरकारी योजनाओं को प्रभावी बनाया जा सकता है और जनता तक योजनाओं का लाभ सही समय पर पहुँचाया जा सकता है। इस प्रकार, डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

#हिमाचल प्रदेश #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #हमीरपुर
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
नमो लीग सीजन-4 में दुर्गा इलेवन भट्ठी ने सेमीफाइनल में बनाई जगह हिमाचल में डॉप्लर वेदर राडार से किसानों को मिलेगी बारिश, बर्फ और तूफान की रियल टाइम जानकारी चंबा बाजार में अतिक्रमण रोकने को व्हाइट-येलो लाइन लागू पूर्व विधायक रायजादा ने जनहित में दी जमीन, श्मशानघाट को मिलेगा स्थान कुटलैहड़ में टक्का लिंक रोड निर्माण शुरू, लोगों को राहत ऊना में गेहूं पर Yellow Rust खतरा, किसानों को Alert सोलन में युवक ने उठाया खौफनाक कदम, कमरे में मिला शव बिलासपुर में चॉकलेट से निकले कीड़े, गुणवत्ता पर उठे सवाल