आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए नालसा की कई योजनाएं, मुफ्त कानूनी सहायता की प्रक्रिया सरल
आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए नालसा की कई योजनाएं, मुफ्त कानूनी सहायता की प्रक्रिया सरल

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 8, 2026 5:42 p.m. 116

हमीरपुर, 8 सितंबर। आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर की ओर से अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मंगलवार को न्यू गुरुकुल स्कूल, गोपालनगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की। इस दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (NALSA) की विभिन्न योजनाओं, मुफ्त कानूनी सहायता और नागरिकों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।

पात्र लोगों को मिलती है मुफ्त कानूनी सहायता

कुलदीप शर्मा ने बताया कि आम लोगों तक न्याय की पहुंच आसान बनाने के लिए नालसा ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें मुफ्त कानूनी सहायता योजना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, ट्रांसजेंडर व्यक्ति, कैदी और 3 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।उन्होंने कहा कि मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी काफी सरल है। पात्र व्यक्ति किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट ऑफिस में जाकर कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी ले सकते हैं जानकारी

सचिव ने बताया कि नालसा की योजनाओं का लाभ लेने या कानूनी सहायता से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए नालसा की हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा लोग जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर के दूरभाष नंबर 01972-224399 या उपलब्ध ईमेल माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं।

विभिन्न वर्गों के लिए नालसा की योजनाओं की जानकारी

कुलदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि नालसा की ओर से समाज के विभिन्न जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मानव तस्करी के पीड़ितों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और नशे की समस्या से प्रभावित लोगों के लिए कानूनी सहायता से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने अत्याचार और तेजाब हमलों की पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।

नशे और साइबर अपराध से बचाव पर भी जागरूक किया

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को केवल कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि कई महत्वपूर्ण कानूनों और सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूक किया गया। कुलदीप शर्मा ने नशे की समस्या और एनडीपीएस एक्ट, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, रैगिंग रोधी कानून, साइबर अपराधों से बचाव और मोटर वाहन अधिनियम समेत विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे कानून के प्रति जागरूक रहें और साइबर अपराध, नशे तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से बचने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।

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साक्षरता दिवस का उद्देश्य बताया

कुलदीप शर्मा ने बताया कि हर वर्ष 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनियाभर में साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा एवं ज्ञान की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि कानूनी साक्षरता भी समाज के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि कानून और अपने अधिकारों की जानकारी होने से व्यक्ति जरूरत पड़ने पर उचित कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून, अधिकारों और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई।

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