बिजली बिल और बैंक वेरिफिकेशन मैसेज से बढ़ा खतरा, साइबर ठग सक्रिय
बिजली बिल और बैंक वेरिफिकेशन मैसेज से बढ़ा खतरा, साइबर ठग सक्रिय

Post by : Khushi Joshi

Nov. 18, 2025 11:32 a.m. 969

शिमला में साइबर ठगी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब शातिर ठग बिजली विभाग के कर्मचारियों का रूप धारण कर लोगों को ठगने का नया तरीका अपना रहे हैं। ऐसे मामले तेजी से सामने आने के बाद साइबर सेल ने विशेष एडवाइजरी जारी की है और लोगों से खास तौर पर सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, ठग उन बिजली उपभोक्ताओं पर नजर रख रहे हैं जिनके बिजली बिल में बकाया राशि दर्ज है या जिनके बिल में देरी से भुगतान की संभावना रहती है।

शातिर उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है कि उनके बिजली बिल का अपडेट नहीं हुआ है और कनेक्शन किसी भी समय काटा जा सकता है। डर और घबराहट फैलाने के लिए मैसेज में एक फोन नंबर भी दिया जाता है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता से तुरंत संपर्क करने की अपील की जाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस नंबर पर कॉल करता है, साइबर अपराधी खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर बातचीत शुरू करते हैं और धीरे-धीरे उसे बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन, बिजली बिल अपडेट या ऑनलाइन भुगतान के नाम पर फंसाने लगते हैं।

इन वार्तालापों के दौरान शातिर उपभोक्ताओं से बैंक खाते की संवेदनशील जानकारी, डेबिट कार्ड की डिटेल, OTP या फिर KYC से जुड़े दस्तावेज मांगते हैं। कई मामलों में ठग पीड़ितों से AnyDesk या TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर उनके मोबाइल की पूरी स्क्रीन शेयरिंग ले लेते हैं। इसके बाद बिना किसी देरी के पीड़ित के बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं, और अक्सर लोगों को काफी देर बाद इसका पता चलता है।

साइबर क्राइम के एसपी रोहित मालपानी ने बताया है कि इस तरह के मैसेज पूरी तरह फर्जी होते हैं और बिजली विभाग इस तरह की कोई सूचना SMS के माध्यम से नहीं भेजता। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में ऐसे मामलों में तेजी आई है, इसलिए लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी, बैंक विवरण, पासवर्ड, OTP या KYC दस्तावेज किसी अंजान व्यक्ति या संदिग्ध कॉल करने वाले को बिल्कुल नहीं देने चाहिए। यदि किसी उपभोक्ता को बिजली बिल से संबंधित कोई संदेह है, तो वह केवल आधिकारिक हेल्पलाइन या बिजली बोर्ड के कार्यालय से ही संपर्क करें।

साइबर सेल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति ठगों के बहकावे में आकर रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन फोन में इंस्टॉल कर लेता है, तो ठग आसानी से उसके मोबाइल में मौजूद सारी वित्तीय जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं। ऐसी स्थिति में फोन हैक होकर बैंक खाते से पैसे मिनटों में गायब हो सकते हैं। साइबर सेल समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रही है, लेकिन फिर भी कई लोग जागरूकता की कमी के चलते ठगी के शिकार हो रहे हैं।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार का संदिग्ध मैसेज मिले, तो तुरंत उसे डिलीट करें और किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। इसके अलावा ऐसे मामलों की जानकारी हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अन्य लोग भी ठगी से बच सके।

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