हमीरपुर के डॉक्टरों ने एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस मरीज को चार सर्जरी से नई जिंदगी दी
हमीरपुर के डॉक्टरों ने एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस मरीज को चार सर्जरी से नई जिंदगी दी

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 16, 2026 4:41 p.m. 132

डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कालेज (आरकेजीएमसी) हमीरपुर के ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर नादौन क्षेत्र के 36 वर्षीय राजन मनकोटिया की जिंदगी बदल दी। राजन, जो एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, अपनी बीमारी के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थे और उन्हें सामान्य जीवन जीने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

राजन मनकोटिया की समस्या इतनी गंभीर थी कि उनके दोनों घुटने और दोनों कूल्हे डिफ्यूज हो चुके थे। उनकी हालत के कारण उन्हें प्राइवेट सेक्टर की नौकरी छोड़नी पड़ी और वह घर तक सीमित हो गए थे। इलाज के लिए जब वह आरकेजीएमसी हमीरपुर आए, तो उन्हें ऑर्थोपेडिक विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. शिखर डोगरा ने विस्तृत जांच के बाद सलाह दी कि उनके जीवन को सामान्य बनाने के लिए दोनों घुटनों और कूल्हों का प्रत्यारोपण आवश्यक है।

इस जटिल प्रक्रिया की शुरुआत नवंबर 2024 में राजन के पहले कूल्हे के प्रत्यारोपण से हुई। इसके कुछ महीने बाद अप्रैल 2025 में उनके दूसरे कूल्हे का प्रत्यारोपण किया गया। इसके बाद जुलाई 2025 में बाएं घुटने और जनवरी 2026 में दाएं घुटने का सफल प्रत्यारोपण आरकेजीएमसी अस्पताल में ही किया गया। इस प्रकार लगभग एक वर्ष की अवधि में चार जटिल और दुर्लभ सर्जरी पूरी की गई, जो मेडिकल क्षेत्र में एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।

आरकेजीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि डॉ. शिखर डोगरा और उनकी टीम द्वारा लगभग एक वर्ष के भीतर चार बड़े ऑपरेशन करना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और हिमकेयर कार्ड जैसी सुविधाओं की प्रभावशीलता का प्रमाण है, जिसके तहत मरीज का इलाज और सभी सर्जरी निःशुल्क हुई।

डॉ. शिखर डोगरा ने बताया कि राजन की हालत बेहद गंभीर थी। उनके लिए सामान्य कुर्सी पर बैठना, खड़ा होना और चलना-फिरना भी मुश्किल था। चार जटिल सर्जरी के बाद अब राजन की मुद्रा पूरी तरह सीधी हो गई है। वह अब बिना किसी सहारे के चल सकते हैं और आसानी से कुर्सी पर बैठ सकते हैं।

राजन मनकोटिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आरकेजीएमसी के डॉक्टरों और उनकी टीम ने उनकी जिंदगी बदल दी है। पहले वह अपने घर तक सीमित थे, लेकिन अब वह सामान्य जीवन जी पा रहे हैं और अपनी नौकरी को भी पुनः शुरू करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और हिमकेयर कार्ड के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस दुर्लभ और जटिल सर्जरी की सफलता ने न केवल राजन मनकोटिया के जीवन को सामान्य बनाया है, बल्कि यह पूरे हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता और गुणवत्ता को भी उजागर करता है। डॉक्टरों की इस मेहनत और मरीज के स्वास्थ्य में आए इस परिवर्तन ने चिकित्सा जगत में एक प्रेरणादायक उदाहरण स्थापित किया है।

राजन के परिवार और क्षेत्रवासियों ने भी डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस उपलब्धि को देखकर अन्य मरीजों को भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में भरोसा और प्रेरणा मिली है।

इस प्रकार आरकेजीएमसी हमीरपुर ने न केवल एक जटिल चिकित्सा चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया है, बल्कि राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मिसाल भी कायम की है, जिससे सरकारी अस्पतालों की विश्वसनीयता और मरीजों की आशाओं को नई दिशा मिली है।

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