Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के विद्युत विभाग देहरा के अंतर्गत आने वाले ढोंटा गांव में हाल ही में स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गए हैं। स्थानीय दुकानदार निशांत कुमार को जब उनके घर के स्मार्ट मीटर ने मात्र 20 दिनों का बिल 1 लाख रुपए से अधिक दिखाया, तो वे गहरे सदमे में आ गए।
निशांत कुमार ने बताया कि उनके घर में केवल सामान्य घरेलू उपकरण ही उपयोग होते हैं और इतनी भारी-भरकम खपत असंभव है। उन्होंने तुरंत विभाग में शिकायत दर्ज करवाई और विभाग से स्पष्ट जवाब की मांग की।
निशांत कुमार ने आशंका जताई कि या तो उनके स्मार्ट मीटर में कोई बड़ी तकनीकी खराबी आई है, या फिर डेटा फीडिंग और ट्रांसमिशन के दौरान विभाग की ओर से लापरवाही बरती गई है। उन्होंने कहा कि घर में सामान्य उपकरण ही उपयोग होते हैं, इसलिए इतना अधिक बिल दिखना पूरी तरह असामान्य है।
इस घटना ने पूरे ढोंटा क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं को भी चिंता में डाल दिया। लोग यह सोचने लगे कि कहीं उनके मीटर में भी ऐसी तकनीकी गड़बड़ी तो नहीं हो रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग देहरा के अधिशासी अभियंता बलेश कुमार ने उपभोक्ता को आश्वस्त किया कि यह प्रथम दृष्टया तकनीकी त्रुटि प्रतीत होती है। उन्होंने बताया कि कई बार मीटर के सिस्टम अपडेट या डेटा ट्रांसमिशन में गड़बड़ी के कारण सॉफ्टवेयर असामान्य बिल जेनरेट कर देता है।
विभाग ने मामले की तत्काल तकनीकी जांच के आदेश दिए। जांच के बाद पाया गया कि बिल वास्तव में गलत था और मीटर ने केवल तकनीकी कारणों से अधिक खपत दिखा दी थी।
जांच के बाद विभाग ने अपनी गलती स्वीकार की और त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 लाख रुपए के इस भारी-भरकम बिल को दुरुस्त किया। सुधार के बाद निशांत कुमार का वास्तविक बिल केवल 600 रुपए के करीब आया। उपभोक्ता ने तुरंत बिल का भुगतान कर राहत की सांस ली।
अभियंता बलेश कुमार ने कहा कि इस प्रकार की तकनीकी त्रुटियों से घबराने की जरूरत नहीं है। यदि किसी उपभोक्ता को अपने बिजली बिल में असामान्यता नजर आए तो वे सीधे विभाग से संपर्क करें। समय रहते जांच कराई जाए तो बिल की गलती आसानी से सुधारी जा सकती है।
विद्युत विभाग ने पूरे देहरा क्षेत्र के उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि अगर किसी को अपने स्मार्ट मीटर के बिल में असामान्य वृद्धि या अनियमितता नजर आए तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें। विभाग ने कहा कि तकनीकी गड़बड़ियों का निदान तत्काल किया जाएगा और किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी से बचाव होगा।
इस घटना ने यह साफ कर दिया कि स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक तकनीक होते हुए भी कभी-कभी सॉफ्टवेयर या ट्रांसमिशन गड़बड़ी के कारण गलत रीडिंग दे सकते हैं। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए तकनीकी निगरानी और सिस्टम अपडेट को और कड़ा करने का आश्वासन दिया।
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