हिमाचल-पंजाब सीमा के पास प्रतिबंधित लकड़ी से भरे छह वाहन पकड़े, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
हिमाचल-पंजाब सीमा के पास प्रतिबंधित लकड़ी से भरे छह वाहन पकड़े, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

Post by : Himachal Bureau

Feb. 14, 2026 12:21 p.m. 129

हिमाचल प्रदेश में बहुमूल्य वन संपदा की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते हिमाचल-पंजाब सीमा से कुछ दूरी पहले प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी से भरे छह वाहनों को पकड़ा गया है। विभाग ने इन सभी वाहनों को लकड़ी सहित जब्त कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार पकड़े गए छह वाहनों में से चार वाहन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र से संबंधित बताए जा रहे हैं, जबकि दो वाहन मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र देहरा से जुड़े हुए हैं। हालांकि वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी तरह तथ्यों और नियमों के आधार पर की गई है और इसमें किसी प्रकार का पक्षपात नहीं बरता गया है।

बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की कटाई हिमाचल प्रदेश में पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अवैध रूप से पेड़ों का कटान कर लकड़ी को पंजाब की लकड़ी मंडियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। यह खुलासा वीरवार और शुक्रवार की रात वन विभाग द्वारा की गई विशेष कार्रवाई के दौरान हुआ।

वन विभाग की टीम ने गगरेट क्षेत्र के समीप एक नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान कुछ पिकअप जीप वहां से गुजरती दिखाई दीं। संदेह होने पर टीम ने वाहनों को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहनों में प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ी लदी पाई गई। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि जिन पेड़ों की लकड़ी इन वाहनों में भरी गई थी, उन्हें काटने की अनुमति वन विभाग द्वारा नहीं दी गई थी।

वन संपदा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए भी विभाग की अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इन वाहनों के पास कोई वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र नहीं मिला। इससे साफ है कि लकड़ी को अवैध तरीके से राज्य से बाहर ले जाया जा रहा था।

इस मामले की एक अहम बात यह भी है कि नादौन और देहरा क्षेत्रों से चली ये छह गाड़ियां बिना किसी रोक-टोक के हिमाचल-पंजाब सीमा के करीब तक पहुंच गईं। इससे यह सवाल भी उठता है कि प्रतिबंधित प्रजाति के पेड़ों की कटाई और परिवहन की गतिविधियां किस प्रकार जारी रहीं। वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

वन मंडल अधिकारी सुशील राणा ने बताया कि वन संपदा की तस्करी रोकने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग की मुस्तैदी के कारण ही यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी और छह वाहन पंजाब की ओर जाते हुए पकड़े गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी।

वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य न केवल तस्करी पर अंकुश लगाना है, बल्कि प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा की रक्षा करना भी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि प्रतिबंधित प्रजातियों की अवैध कटाई और तस्करी प्रदेश के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। वन विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध कटान या लकड़ी की तस्करी की सूचना मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और राज्य की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखा जा सके।

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