Post by : Himachal Bureau
आरएलए ब्रांच सदर बिलासपुर में सामने आए कथित वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े को लेकर प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्ष 2020 से अब तक पंजीकृत किए गए सभी वाहनों की चरणबद्ध तरीके से विस्तृत जांच और वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि किन-किन मामलों में नियमों की अनदेखी कर वाहनों का पंजीकरण किया गया और इससे सरकारी राजस्व को कितना नुकसान पहुंचा।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम सदर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी सभी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा कर रही है। जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जांच टीम विशेष रूप से बाहरी राज्यों में पहले से पंजीकृत वाहनों के यहां किए गए पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण कर रही है। इसमें पंजीकरण प्रमाणपत्र, टैक्स भुगतान की रसीदें, निर्धारित शुल्क, चालान, स्वीकृतियां और अन्य औपचारिक रिकॉर्ड शामिल हैं। प्रत्येक दस्तावेज का आपस में मिलान कर यह देखा जा रहा है कि कहीं निर्धारित नियमों के विरुद्ध तो कोई प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
विशेष प्राथमिकता उन मामलों को दी जा रही है, जिनमें निर्धारित शुल्क से कम राशि लेकर वाहन पंजीकरण किए जाने की आशंका जताई गई है। ऐसे मामलों में फीस निर्धारण, जमा की गई राशि और पंजीकरण प्रक्रिया का गहन मिलान किया जा रहा है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी स्तर पर सरकारी राजस्व को नुकसान न हो और यदि हुआ है तो उसकी भरपाई की जाए।
यदि जांच के दौरान यह सामने आता है कि किसी वाहन की पंजीकरण फीस कम ली गई थी, तो संबंधित वाहन स्वामी से संपर्क कर शेष राशि जमा करवाने के निर्देश दिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व हानि की भरपाई उसकी प्राथमिकता है। निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा न करने वाले वाहन मालिकों का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। इसके साथ ही आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
यह जांच केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगी। जिस अवधि में कथित अनियमितताएं हुई हैं, उस समय कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, नियमों की अनदेखी या मिलीभगत पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जिम्मेदारी तय करना और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है और प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे और मामलों के सामने आने की संभावना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी अनियमितताओं की पहचान कर नियमों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इससे न केवल सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आम नागरिकों का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर बारिश का खतरा, कोलंबो में जारी हुआ...
ICC Mens T20 World Cup 2026 के तहत 15 फरवरी को होने वाले India vs Pakistan मैच पर Rain का खतरा। Colo
हिमाचल-पंजाब सीमा के पास प्रतिबंधित लकड़ी से भरे छह वाहन पकड...
Forest Department ने हिमाचल-पंजाब सीमा के पास छह Illegal Timber Vehicle पकड़े, बिना Valid Documents
मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, सीबीएसई से जुड़ेंगे 140 सरकारी स्...
मुख्यमंत्री ने High Level Meeting में CBSE Affiliation तेज करने के निर्देश दिए, 140 Government Schoo
आरएलए बिलासपुर में वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े की जांच तेज, दस्त...
बिलासपुर RLA ब्रांच में कथित Vehicle Registration फर्जीवाड़े की जांच तेज। 2020 से पंजीकृत वाहनों का
टी20 वर्ल्ड कप 2026: कोलंबो में ज़िम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया क...
टी20 वर्ल्ड कप 2026: कोलंबो में Zimbabwe ने Australia को 23 रन से हराया, Brian Bennett और Blessing M
बिलासपुर के झंडूता में पेड़ से गिरने से महिला की दर्दनाक मौत...
Bilaspur Jhanduta Accident: ग्राम कलोल में महिला पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में Death,
ऊना में 108-102 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल शुरू, समर्थन ...
ऊना में 108-102 Ambulance कर्मचारियों की वेतन व Overtime मांगों को लेकर Strike, CITU के साथ मजदूर सं