धर्मशाला में नियम तोड़ने वालों को ट्रैफिक ड्यूटी नई पहल शुरू
धर्मशाला में नियम तोड़ने वालों को ट्रैफिक ड्यूटी नई पहल शुरू

Post by : Ram Chandar

Feb. 28, 2026 11:02 a.m. 135

हिमाचल प्रदेश: के धर्मशाला में यातायात व्यवस्था को सुधारने और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक नई पहल शुरू की है। उत्तरी क्षेत्र की डीआईजी सौम्या सांबशिवन के निर्देश पर अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों को दंड के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

नई व्यवस्था के तहत नियम तोड़ने वाले व्यक्तियों को ट्रैफिक वालंटियर के रूप में सड़कों और चौराहों पर तैनात किया जाएगा। उन्हें पुलिस की रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनकर निर्धारित समय तक ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी होगी। प्रशासन का मानना है कि जब उल्लंघन करने वाले लोग स्वयं सड़क पर खड़े होकर जाम और अव्यवस्था की स्थिति को समझेंगे, तो उन्हें यातायात नियमों के महत्व का बेहतर एहसास होगा और भविष्य में वे नियमों का पालन करेंगे।

पुलिस प्रशासन ने इस सेवा के लिए दो शिफ्ट निर्धारित की हैं। पहली शिफ्ट सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:00 बजे से रात 8:00 बजे तक होगी। नियम तोड़ने वाले व्यक्ति को इनमें से किसी एक शिफ्ट में अनिवार्य रूप से सेवा देनी होगी।

पर्यटन नगरी धर्मशाला में पर्यटन सीजन के दौरान वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग और नियमों की अनदेखी के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा वाहनों की लंबी कतारों के कारण ईंधन की खपत बढ़ती है और आर्थिक नुकसान भी होता है।

नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि लोग केवल चालान के डर से ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक ड्यूटी देने की असुविधा से बचने के लिए भी नियमों का पालन करेंगे। विशेष रूप से नो-पार्किंग क्षेत्रों में खड़े किए जाने वाले महंगे और लग्जरी वाहनों पर यह व्यवस्था प्रभावी साबित हो सकती है।

यदि कोई सरकारी कर्मचारी यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे कार्यालय से अवकाश लेकर यह अनिवार्य सेवा देनी होगी। अब तक कई मामलों में क्रेन के माध्यम से वाहन हटाने में तकनीकी दिक्कतें और विवाद की स्थिति बन जाती थी। इसी समस्या के समाधान के रूप में पुलिस प्रशासन ने सोशल पुलिसिंग का यह नया तरीका अपनाया है।

इस पहल के तहत वाहन मालिकों को चेतावनी देने के साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी दिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा दुर्घटना मुक्त अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि वाहन चालकों को सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग के लिए जागरूक किया जा सके।

डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि लोगों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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