करोड़ों की आस्था संकरा पुल बना परेशानी शाहतलाई-बाबा बालक नाथ मार्ग बदहाल
करोड़ों की आस्था संकरा पुल बना परेशानी शाहतलाई-बाबा बालक नाथ मार्ग बदहाल

Post by : Himachal Bureau

Jan. 29, 2026 3:19 p.m. 302

शाहतलाई से बाबा बालक नाथ मंदिर को जोड़ने वाला पुल अब केवल आवागमन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। वर्षों से यह पुल अपनी संकरी बनावट के कारण जाम, अव्यवस्था और दुर्घटना के खतरे का कारण बना हुआ है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हैरानी की बात यह है कि जहां बाबा बालक नाथ मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ता है, वहीं श्रद्धालुओं के लिए न तो सुरक्षित पैदल मार्ग की व्यवस्था है और न ही यातायात जाम से राहत देने की कोई ठोस योजना।

चैत्र मेले के दौरान हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। इस दौरान पुल पर घंटों तक जाम लगा रहता है। पैदल चलने वाले और दंडवत करने वाले श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर इसी संकरे पुल से गुजरने को मजबूर होते हैं। स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि पुलिस को भी यातायात सुचारू करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन पुल की सीमित चौड़ाई के आगे उनकी मजबूरी साफ नजर आती है।

इस मुद्दे पर होशियारपुर से आए श्रद्धालु मखन सिंह ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मंदिर में करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए आज तक एक सुरक्षित फुटपाथ तक नहीं बनाया गया। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ न करने की अपील की।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #सफर की खबरें #बिलासपुर
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
महिला अंडर-18 एशिया कप में भारत की लगातार दूसरी जीत, कोरिया को हराया शिमला पुलिस का बड़ा अभियान, पांच माह में 291 नशा तस्कर गिरफ्तार साच पास के दर्दनाक सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने जताया गहरा शोक हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में सरकार का बड़ा फैसला शिमला के चौपाल में कहासुनी के बाद चाकू से युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार मुख्यमंत्री की माताजी ने पिंक बूथ पर किया मतदान, लोकतंत्र में भागीदारी का दिया संदेश कुल्लू की नदी में बहा बहादुर युवक, दोस्त की जान बचाते हुए गंवाई अपनी जिंदगी हिमाचल में बदला मौसम का मिजाज, ऊंची चोटियों पर हिमपात और कई क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि