एम्स बिलासपुर की डॉ. विदुषी धीमान को RSNA Trainee Research Prize 2026
एम्स बिलासपुर की डॉ. विदुषी धीमान को RSNA Trainee Research Prize 2026

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 17, 2026 5:23 p.m. 108

बिलासपुर: एम्स बिलासपुर के लिए चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। संस्थान के रेडियोडायग्नोसिस विभाग की रेजिडेंट डॉ. विदुषी धीमान को प्रतिष्ठित RSNA Trainee Research Prize 2026 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रदान किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान से एम्स बिलासपुर के शोध कार्य और युवा चिकित्सकों की अकादमिक उपलब्धियों को नई पहचान मिली है।

शिकागो में आयोजित RSNA Annual Meeting में मिला सम्मान

डॉ. विदुषी धीमान को यह पुरस्कार Radiological Society of North America (RSNA) की वार्षिक बैठक के दौरान प्रदान किया गया। यह आयोजन शिकागो में हुआ, जिसमें दुनिया के विभिन्न देशों से रेडियोलॉजिस्ट, शोधकर्ता और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षु चिकित्सक हिस्सा लेते हैं। RSNA Annual Meeting को रेडियोलॉजी के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों में गिना जाता है। यहां वैज्ञानिक अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा और रेडियोलॉजी से जुड़े नए नवाचारों पर शोध प्रस्तुत किए जाते हैं। पुरस्कार के साथ डॉ. विदुषी धीमान को 1,000 अमेरिकी डॉलर की राशि भी प्रदान की गई।

प्लेसेंटल MRI और DWI के जरिए किया गया शोध

डॉ. विदुषी धीमान को मिला पुरस्कार उनके पोस्टग्रेजुएट थीसिस पर आधारित शोध के लिए दिया गया है। उनके शोध में placental MRI, diffusion-weighted imaging (DWI) और apparent diffusion coefficient (ADC) जैसी तकनीकों के माध्यम से गर्भस्थ शिशु में fetal growth restriction और low birth weight के आकलन का अध्ययन किया गया। शोध में प्राप्त परिणामों की तुलना Doppler ultrasound और प्रसव से जुड़े चिकित्सकीय परिणामों के साथ की गई। इस अध्ययन का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास से संबंधित स्थितियों के मूल्यांकन में आधुनिक इमेजिंग तकनीकों की उपयोगिता को समझना था।

विशेषज्ञ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में पूरा हुआ शोध

यह शोध एम्स बिलासपुर के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में Dr. Narvir Singh Chauhan के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। Dr. Lokesh Rana ने Co-guide के रूप में शोध में सहयोग दिया, जबकि Obstetrics and Gynaecology विभाग के Dr. Chanderdeep Sharma भी Co-guide के रूप में इससे जुड़े रहे। शोध कार्य में रेडियोलॉजी और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञता के बीच सहयोग रहा। इससे गर्भस्थ शिशु के विकास और उससे संबंधित चिकित्सकीय परिणामों का विभिन्न जांच माध्यमों के आधार पर अध्ययन किया गया।

भारतीय रेडियोलॉजी के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि

एम्स बिलासपुर के अनुसार, भारत से इससे पहले वर्ष 2023 में केवल एक उम्मीदवार को RSNA Trainee Research Prize प्राप्त हुआ था। ऐसे में वर्ष 2026 में डॉ. विदुषी धीमान को यह सम्मान मिलना भारतीय रेडियोलॉजी और एम्स बिलासपुर दोनों के लिए महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मान संस्थान में किए जा रहे चिकित्सा अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान को भी दर्शाता है। साथ ही इससे एम्स बिलासपुर में युवा चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक ने दी बधाई

AIIMS Bilaspur के Executive Director Lt Gen (Dr) Daljit Singh, AVSM, VSM (Retd) ने डॉ. विदुषी धीमान को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि RSNA जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रेडियोलॉजी मंच पर एम्स बिलासपुर के युवा चिकित्सक के शोध कार्य को पहचान मिलना संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि को युवा चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उनके अनुसार, इस तरह की अंतरराष्ट्रीय पहचान चिकित्सा अनुसंधान में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए नई पीढ़ी के चिकित्सकों को प्रोत्साहित कर सकती है। डॉ. विदुषी धीमान की यह उपलब्धि एम्स बिलासपुर के लिए इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उनके शोध को अंतरराष्ट्रीय रेडियोलॉजी समुदाय के प्रमुख मंच पर पहचान मिली है। इससे संस्थान में हो रहे अकादमिक और शोध कार्यों की पहुंच अंतरराष्ट्रीय स्तर तक होने का संकेत मिलता है।

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