रात नौ बजे निकलती हैं चिट्टा माफिया के खिलाफ, लघट महिला मंडल बना हिमाचल की मिसाल
रात नौ बजे निकलती हैं चिट्टा माफिया के खिलाफ, लघट महिला मंडल बना हिमाचल की मिसाल

Author : Bhardwaj Mandi. (HP) Mandi. HP

Jan. 6, 2026 10:34 a.m. 1673

बिलासपुर। घड़ी में जैसे ही रात के नौ बजते हैं, बिलासपुर जिला के लघट गांव में एक अनोखी तस्वीर देखने को मिलती है। गांव का महिला मंडल चिट्टा माफिया के खिलाफ मोर्चा संभालते हुए रातभर पहरे के लिए निकल पड़ता है। हाथों में डंडे, आंखों में निडरता और दिल में एक ही संकल्प—अपने गांव और आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना।

लघट महिला मंडल की महिलाएं रोजाना गांव के पटवारघर के सामने एकत्र होती हैं और फिर “मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास, चिट्टे का होगा विनाश…” जैसे खुद रचे गीत को गुनगुनाते हुए चिट्टा के संभावित अड्डों की ओर रवाना होती हैं। इस मुहिम में महिलाओं के साथ उनके बच्चे, पति और परिवार के अन्य सदस्य भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आते हैं।

करीब सात डिग्री के ठंडे तापमान में खुले आसमान के नीचे ये महिलाएं रातभर चिट्टा के संभावित ठिकानों पर दबिश देती हैं। इसके बाद एक निर्धारित स्थान पर आग जलाकर ठीकरी पहरा दिया जाता है। यह सिलसिला बीते 16 दिनों से लगातार जारी है। महिला मंडल की प्रधान पिंकी शर्मा के नेतृत्व में यह अभियान बिना किसी डर के चलाया जा रहा है।

महिलाओं का कहना है कि यह कदम उन्होंने इसलिए उठाया है ताकि गांव के युवा नशे की चपेट में न आएं। हाल ही में कुछ युवकों को पकड़ने के दौरान महिला मंडल की सदस्यों और आरोपियों के बीच हाथापाई भी हुई, जिसके बाद महिलाओं पर एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है। बावजूद इसके, महिला मंडल के हौसले कमजोर नहीं पड़े, बल्कि और मजबूत हुए हैं।

महिला मंडल का साफ कहना है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी कीमत पर चिट्टा बिकने नहीं देंगी। यदि इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी तो वे कोर्ट तक जाने से भी पीछे नहीं हटेंगी। महिलाओं का मानना है कि सरकार की चिट्टा विरोधी मुहिम के तहत यह पहला महिला मंडल है जो खुद मैदान में उतरकर इस तरह का सशक्त कदम उठा रहा है।

लघट महिला मंडल की यह पहल न केवल नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश दे रही है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।

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