Post by : Shivani Kumari
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी के कसोल में सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को दीपावली की रात एक होटल में भीषण आग लग गई, जिसने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में हड़कंप मचा दिया। आग होटल की ऊपरी मंजिल से शुरू हुई और तेजी से फैलते हुए फैमिली स्वीट रूम, एक हॉल, दो स्टोर रूम और अन्य कीमती सामान को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं के गाढ़े गुबार ने दृश्यता कम कर दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल कुल्लू जिला दमकल सेवा को सूचित किया, और 10 सदस्यीय टीम—जिसमें एक लीडिंग फायरमैन, दो फायरमैन, पांच होमगार्ड फायरमैन और दो ड्राइवर शामिल थे—मौके पर पहुंची। हालांकि, पहाड़ी इलाके की संकरी सड़कों और दुर्गम भूभाग के कारण दमकल टीम को पहुंचने में देरी हुई।
लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग से होटल को लगभग 50 लाख रुपये (करीब 6,000 अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हुआ, जबकि समय रहते करीब 5 करोड़ रुपये (लगभग 60,000 अमेरिकी डॉलर) की संपत्ति बचा ली गई। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई। होटल में ठहरे कई पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, हालांकि कुछ लोगों का सामान आग में जल गया। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रारंभिक जांच में दीपावली की आतिशबाजी को संदिग्ध माना जा रहा है। फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है, और विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।
इस घटना ने कसोल जैसे पर्यटन स्थल पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया है, जहां लकड़ी के ढांचे और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में आतिशबाजी का इस्तेमाल जोखिम को बढ़ाता है। कसोल, जो अंतरराष्ट्रीय बैकपैकर्स और ट्रेकर्स के लिए प्रसिद्ध है, इस तरह की घटनाओं से बार-बार सुरक्षा चिंताओं का सामना कर रहा है। समानांतर रूप से, दीपावली की रात शिमला के बनूटी क्षेत्र में तीन दुकानें भी आग की चपेट में आ गईं, जहां करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। सुबह साढ़े तीन बजे हुई इस घटना पर बालूगंज अग्निशमन केंद्र की 15 सदस्यीय टीम ने काबू पाया, और जांच जारी है।
इसके अलावा, हमीरपुर जिले के सलौणी में एक इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान भी जलकर राख हो गई, जिससे राज्य भर में अग्निकांड की गंभीरता स्पष्ट होती है।स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और निवासियों से अग्नि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने और ज्वलनशील संरचनाओं के पास आतिशबाजी से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी सड़कों और भीड़-भाड़ वाले पर्यटन स्थलों पर अग्निशमन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
इसी बीच, दिल्ली में भी दीपावली के दौरान 280 अग्निकांड की सूचना (टाइम्स ऑफ इंडिया, 1 नवंबर 2024) ने देशव्यापी जोखिम को रेखांकित किया है, जहां शॉर्ट सर्किट और आतिशबाजी प्रमुख कारण रहे।कुल्लू जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय समाचार चैनलों तथा आधिकारिक अलर्ट के माध्यम से अपडेट लेने की सलाह दी है। पर्यटन विभाग ने कसोल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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