चिंतपूर्णी के सारड़ा गांव में दर्दनाक हादसा, 150 फुट गहरी खाई में गिरने से 36 वर्षीय युवक की मौत
चिंतपूर्णी के सारड़ा गांव में दर्दनाक हादसा, 150 फुट गहरी खाई में गिरने से 36 वर्षीय युवक की मौत

Post by : Himachal Bureau

Feb. 24, 2026 1:12 p.m. 2274

ऊना जिले के भरवाईं क्षेत्र के अंतर्गत चिंतपूर्णी के सारड़ा गांव में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। 36 वर्षीय युवक नंद लाल की लगभग 150 फुट गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान नंद लाल (36) पुत्र लक्ष्मी चंद निवासी गांव सारड़ा के रूप में हुई है, जो दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नंद लाल रविवार दोपहर घर से जंगल की ओर जड़ी-बूटी काटने के लिए गया था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसका पैर अचानक फिसल गया और वह संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते वह करीब 150 फुट गहरी खाई में जा गिरा। खाई काफी गहरी और दलदली होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका।

जब रविवार देर शाम तक नंद लाल घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता सताने लगी। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खाई के समीप उसका दराट, टोपी और मोबाइल फोन पड़ा मिला। इन सामानों को देखकर आशंका गहराई कि वह खाई में गिर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जयराम शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही दमकल विभाग के कर्मियों को भी बुलाया गया। सोमवार सुबह डीएसपी अंब अनिल पटियाल के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। खाई में दलदल और फिसलन होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाई आई। शव गहराई में फंसा हुआ था, जिससे टीम को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार शव को बाहर निकाला गया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। डीएसपी अंब अनिल पटियाल ने बताया कि रविवार को युवक के घर न लौटने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद सोमवार को एसडीआरएफ की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और शव को बाहर निकाला गया।

नंद लाल दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। यह हादसा पहाड़ी क्षेत्रों में जंगलों और खाई वाले इलाकों में जाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे दुर्गम स्थानों पर अकेले न जाएं और विशेष सतर्कता बरतें।

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