Post by : Khushi Joshi
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की आबोहवा एक बार फिर बिगड़ती नजर आ रही है और यह स्थिति अब लोगों की सेहत के लिए चिंता का कारण बन गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार बद्दी में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 290 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से खराब श्रेणी में आता है। इस स्तर की हवा में लंबे समय तक सांस लेना विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए नुकसानदायक माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बद्दी में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। तीन दिसंबर के बाद से यहां की हवा में गिरावट दर्ज की जा रही है। इससे पहले बद्दी की वायु गुणवत्ता संतोषजनक स्थिति में थी, लेकिन बारिश न होने और मौसम के शुष्क बने रहने के कारण हवा में धूल और प्रदूषक कण जमा होने लगे। इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं का असर भी बद्दी की आबोहवा पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
पिछले एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो बद्दी में एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार ऊंचा बना हुआ है। छह दिसंबर को यह 233 दर्ज किया गया था, जबकि इससे पहले पांच दिसंबर को 242, चार दिसंबर को 224 और तीन दिसंबर को 223 रहा। दिसंबर की शुरुआत में भी एक्यूआई 180 से ऊपर बना हुआ था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
बद्दी के अलावा हिमाचल प्रदेश के कुछ अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मानी जा रही है। पांवटा साहिब, कालाअंब और बरोटीवाला जैसे क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है। यहां भी प्रदूषण का स्तर सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
हालांकि प्रदेश के कुछ शहरों में राहत की स्थिति भी बनी हुई है। धर्मशाला, ऊना, डम्टाल और नालागढ़ जैसे क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता अभी संतोषजनक मानी जा रही है। वहीं पर्यटन नगरी शिमला और मनाली सहित सुंदरनगर और परवाणू में एयर क्वालिटी इंडेक्स 50 से नीचे दर्ज किया गया है, जिसे स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। इन शहरों में फिलहाल प्रदूषण का खतरा कम है और लोगों को साफ हवा का लाभ मिल रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो प्रदूषण के स्तर में कुछ राहत मिल सकती है। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से खुले में आग न जलाएं, वाहनों का सीमित उपयोग करें और मास्क का इस्तेमाल करें, खासकर उन क्षेत्रों में जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स अधिक दर्ज किया जा रहा है।
प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है। यदि प्रदूषण का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आगे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल बद्दी के लोगों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, ताकि प्रदूषित हवा से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके।
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