नालागढ़ थाना आरडीएक्स विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार
नालागढ़ थाना आरडीएक्स विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Post by : Himachal Bureau

Feb. 23, 2026 12:01 p.m. 134

हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन को दहलाने वाले मामले में पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और काउंटर इंटेलिजेंस एसएएस नगर (मोहाली) की संयुक्त टीम ने एक सुनियोजित अभियान के तहत दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी 1 जनवरी 2026 को नालागढ़ थाना परिसर में हुए आरडीएक्स आधारित आईईडी धमाके में शामिल बताए जा रहे हैं।

यह घटना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती थी। नए वर्ष के पहले दिन हुए इस धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था। अब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने राहत की सांस ली है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महावीर उर्फ बच्चा और मनप्रीत उर्फ मनी के रूप में हुई है। दोनों आरोपी एसबीएस नगर के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

जांच में सामने आया है कि ये दोनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनैशनल से जुड़े विदेश में बैठे मास्टरमाइंड गोपी नवांशहरिया, जस्सी कुलाम और सुशांत चोपड़ा के सीधे संपर्क में थे। आरोप है कि वे उन्हीं के निर्देशों पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। डीजीपी के अनुसार 1 जनवरी 2026 को नालागढ़ पुलिस थाने में जो धमाका हुआ था, उसमें इस्तेमाल किया गया आईईडी उसी खेप का हिस्सा था, जिसे आरोपियों ने पाकिस्तानी सीमा के नजदीक से प्राप्त किया था। विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर इन्होंने आरडीएक्स और हैंड ग्रेनेड की खेप हासिल की थी।

धमाके का उद्देश्य क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करना और सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती देना था। हालांकि इस घटना में कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई, लेकिन इससे प्रशासन और आम जनता में दहशत फैल गई थी। पुलिस के अनुसार इस आतंकी मॉड्यूल के कुल छह सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई चेन से जुड़े हुए थे। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया है।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस मॉड्यूल के तार और किन-किन स्थानों से जुड़े हुए हैं। डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल डाटा की जांच की जा रही है, ताकि विदेशी हैंडलरों तक पहुंचा जा सके। आरोपियों के खिलाफ मोहाली के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल में बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।

सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर भी नजर रख रही हैं कि कहीं इस नेटवर्क के अन्य सदस्य सक्रिय तो नहीं हैं। सीमा क्षेत्रों में निगरानी और चौकसी बढ़ा दी गई है। इस घटना के बाद हिमाचल और पंजाब दोनों राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश को समय रहते विफल किया जा सके।

नालागढ़ थाना विस्फोट मामले में हुई यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और समन्वय का परिणाम है। प्रशासन का कहना है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। सुरक्षा केवल एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।

नालागढ़ थाना विस्फोट मामले में दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और किसी भी प्रकार की आतंकी साजिश को सफल नहीं होने देंगी।

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