टाइगर की मौजूदगी से चौंका वन विभाग, खारा जंगल में लगाए जाएंगे और कैमरे
टाइगर की मौजूदगी से चौंका वन विभाग, खारा जंगल में लगाए जाएंगे और कैमरे

Post by : Himachal Bureau

June 17, 2026 10:48 a.m. 178

सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र से वन्यजीवों को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। वन मंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत आने वाले खारा जंगल में लगाए गए ट्रैप कैमरे में एक टाइगर की तस्वीर दर्ज हुई है। इस घटना के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है और क्षेत्र में टाइगर की मौजूदगी तथा उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग का मानना है कि यह घटना न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि क्षेत्र के जंगलों की समृद्ध जैव विविधता की भी ओर संकेत करती है।

लंबे समय से मिल रही थीं टाइगर की सूचना

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कई महीनों से स्थानीय ग्रामीणों और जंगल से जुड़े लोगों द्वारा क्षेत्र में किसी बड़े वन्यजीव के देखे जाने की जानकारी दी जा रही थी। कई लोगों ने जंगल के अलग-अलग हिस्सों में टाइगर जैसी गतिविधियां देखने का दावा किया था। लगातार मिल रही इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने खारा जंगल में ट्रैप कैमरे लगाए थे ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।

हाल ही में कैमरों की जांच के दौरान प्राप्त फुटेज में एक टाइगर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इसके बाद विभाग ने इस क्षेत्र को विशेष निगरानी क्षेत्र के रूप में चिन्हित कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और अधिक कैमरे लगाए जाएंगे ताकि टाइगर की आवाजाही और उसके रहने के संभावित क्षेत्र का पता लगाया जा सके।

जंगल में मिले अहम सबूत

कैमरे में टाइगर के कैद होने के साथ-साथ वन विभाग को जंगल में कई अन्य महत्वपूर्ण संकेत भी मिले हैं। निरीक्षण के दौरान पेड़ों पर लगभग चार से पांच फुट की ऊंचाई तक पंजों के निशान पाए गए। इसके अलावा कुछ पेड़ों पर शरीर रगड़ने के निशान और बाल भी मिले हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के संकेत किसी बड़े शिकारी जीव की उपस्थिति को दर्शाते हैं।

विभाग ने इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए भेज दिया है। इनकी रिपोर्ट आने के बाद टाइगर की उम्र, उसकी गतिविधियों और उसके मूवमेंट से संबंधित और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। वन अधिकारी यह भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि यह टाइगर स्थायी रूप से क्षेत्र में रह रहा है या फिर किसी दूसरे वन क्षेत्र से यहां पहुंचा है।

दो टाइगर होने की संभावना पर भी नजर

सहायक वन संरक्षक आदित्य शर्मा ने बताया कि कैमरे में कैद हुए टाइगर का अध्ययन किया जा रहा है। प्रारंभिक विश्लेषण के आधार पर यह एक वयस्क नर टाइगर प्रतीत होता है। हालांकि विभाग केवल एक टाइगर की मौजूदगी तक सीमित नहीं रहना चाहता।

स्थानीय लोगों द्वारा दो अलग-अलग टाइगरों की गतिविधियां देखे जाने के दावे भी सामने आए हैं। इसी कारण विभाग अतिरिक्त ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है। यदि क्षेत्र में एक से अधिक टाइगर मौजूद पाए जाते हैं तो यह वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जानकारी होगी। इससे क्षेत्र के जंगलों की पारिस्थितिक स्थिति को समझने में भी मदद मिलेगी।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

टाइगर की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है। अधिकारियों की टीम लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही है और जंगल में मिलने वाले हर संकेत का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टाइगर की मौजूदगी से वन्यजीवों और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा बनी रहे।

वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि यदि उन्हें जंगल के आसपास किसी बड़े वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। इससे टाइगर की लोकेशन और गतिविधियों का सटीक आकलन किया जा सकेगा।

पहले भी मिल चुके हैं टाइगर के संकेत

यह पहली बार नहीं है जब पांवटा साहिब क्षेत्र में टाइगर की मौजूदगी दर्ज की गई हो। इससे पहले वर्ष 2023 में सिंबलवाड़ा क्षेत्र में भी टाइगर की उपस्थिति दर्ज की गई थी। उस समय भी वन विभाग ने निगरानी अभियान चलाया था और क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई कदम उठाए गए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी क्षेत्र में टाइगर दिखाई देता है तो यह वहां के जंगलों के स्वस्थ और संतुलित होने का संकेत माना जाता है। टाइगर खाद्य श्रृंखला के शीर्ष शिकारी जीवों में शामिल होता है और उसकी मौजूदगी पूरे वन तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।

जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार पांवटा साहिब क्षेत्र में टाइगर का दिखाई देना पर्यावरण और जैव विविधता के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है। इसका मतलब है कि जंगल में पर्याप्त शिकार, अनुकूल वातावरण और सुरक्षित आवास मौजूद है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस घटना को वन संरक्षण के लिए उत्साहजनक मान रहे हैं।

आने वाले दिनों में वन विभाग की रिपोर्ट और अतिरिक्त निगरानी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि खारा जंगल में टाइगर की संख्या कितनी है और उनकी गतिविधियां किस दिशा में बढ़ रही हैं। फिलहाल ट्रैप कैमरे में कैद हुई यह तस्वीर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और वन विभाग भी इस मामले को गंभीरता से लेकर लगातार निगरानी कर रहा है।

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