हिमाचल के वीर सपूत ग्रेनेडियर कपिल का निधन, शादी की खुशियां बदलीं मातम में
हिमाचल के वीर सपूत ग्रेनेडियर कपिल का निधन, शादी की खुशियां बदलीं मातम में

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Jan. 24, 2026 11:05 a.m. 214

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र से संबंध रखने वाले भारतीय सेना के वीर सपूत ग्रेनेडियर कपिल के असमय निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उत्तराखंड स्थित आर्मी अस्पताल में उपचार के दौरान बुधवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार के बाद न केवल उनके पैतृक गांव बल्कि पूरे शिलाई विधानसभा क्षेत्र में मातम का माहौल है।

ग्रेनेडियर कपिल भारतीय सेना की 55वीं राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और बीते सात वर्षों से देश की सेवा में समर्पित थे। वह हाल ही में अवकाश पर अपने घर आए हुए थे। परिवार में उनके विवाह की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं और घर में खुशी का माहौल था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे परिवार की खुशियों को गहरे शोक में बदल दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 जनवरी को उत्तराखंड के सेलाकुई क्षेत्र में कपिल बाइक से जा रहे थे, इसी दौरान वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसा इतना गंभीर था कि उन्हें गहरी चोटें आईं। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ और स्थिति गंभीर बनी रही। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें देहरादून स्थित आर्मी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां सेना के डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया।

कई दिनों तक चले उपचार के बावजूद ग्रेनेडियर कपिल जिंदगी की जंग नहीं जीत पाए और बुधवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे गिरिपार क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और सेना से जुड़े अधिकारी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत दिगुआ के प्रधान रण सिंह ने बताया कि ग्रेनेडियर कपिल पटना गांव, डाकघर मिल्ला, तहसील शिलाई के निवासी थे। वह 18 सितंबर 2018 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद से ही उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ देश सेवा की। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तैनात रहते हुए उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाई और हमेशा देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा।

ग्रेनेडियर कपिल के पिता पंच राम और माता जयंती देवी अपने इकलौते बेटे के निधन से गहरे सदमे में हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखें नम हैं और हर कोई इस असमय हादसे को लेकर स्तब्ध है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कपिल बेहद मिलनसार, सरल स्वभाव और अनुशासित युवक थे। गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए वह प्रेरणा का स्रोत थे। सेना में रहकर भी उन्होंने अपने गांव और समाज से गहरा जुड़ाव बनाए रखा। उनकी देशभक्ति और सेवा भावना को हमेशा याद किया जाएगा।

ग्रेनेडियर कपिल के निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और पूर्व सैनिकों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। लोगों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने एक और वीर सपूत खो दिया है, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।

पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन और सेना की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारियों को लेकर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। गांव में भारी संख्या में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि देश की सेवा करने वाले जवानों और उनके परिवारों को कितनी कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

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