Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार शाम को बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, पर्यटकों और विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथियों ने भाग लिया। पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के राज्यपाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह के दौरान पूरे रिज मैदान में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक संगीत और पारंपरिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं की झलक का आनंद लिया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि ग्रीष्मोत्सव जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध संस्कृति, लोक कलाओं और परंपराओं के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम योगदान देते हैं। देश और विदेश से आने वाले पर्यटक हिमाचल की संस्कृति, खानपान, लोक कला और प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखने का अवसर प्राप्त करते हैं। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलता है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त एवं ग्रीष्मोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए उत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए विभिन्न विभागों और आयोजकों का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी कहा कि शिमला का यह आयोजन वर्षों से प्रदेश की पहचान का हिस्सा रहा है। शिमला में आयोजित होने वाला यह उत्सव हर वर्ष हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है। इस बार भी उत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, संगीत प्रस्तुतियां, कला प्रदर्शनियां और अन्य आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं और विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह अंतरराष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव न केवल पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई दिशा प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। उत्सव के शुभारंभ के साथ ही शिमला में उत्साह का माहौल देखने को मिला और आने वाले दिनों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
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