बंजार में दूध खरीद को लेकर विधायक सुरेंद्र शौरी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बंजार में दूध खरीद को लेकर विधायक सुरेंद्र शौरी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

Author : Prem Sagar

June 16, 2026 5 p.m. 122

हिमाचल प्रदेश के बंजार विधानसभा क्षेत्र में दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर विधायक सुरेंद्र शौरी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी तो कर दी, लेकिन बढ़े हुए उत्पादन को संभालने के लिए जरूरी व्यवस्था तैयार नहीं की। उनका कहना है कि केवल कीमत बढ़ाने से किसानों और पशुपालकों की समस्याएं खत्म नहीं होतीं, बल्कि नियमित खरीद, समय पर भुगतान और बेहतर प्रसंस्करण व्यवस्था भी जरूरी है।

दूध उत्पादन बढ़ने के बाद खरीद व्यवस्था पर उठे सवाल

सुरेंद्र शौरी ने कहा कि सरकार की ओर से दूध का समर्थन मूल्य बढ़ाने के बाद प्रदेश के कई पशुपालकों ने अधिक उत्पादन के लिए अतिरिक्त खर्च किया। किसानों ने पशुओं की देखभाल, चारे और अन्य जरूरतों पर निवेश किया, ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके। लेकिन अब जब दूध उत्पादन बढ़ा है तो खरीद और प्रबंधन की व्यवस्था कमजोर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि इससे मेहनत करने वाले पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूध एक ऐसा उत्पाद है जिसे ज्यादा समय तक सुरक्षित रखना आसान नहीं होता, इसलिए इसकी नियमित खरीद होना बेहद जरूरी है।

बंजार क्षेत्र में खरीद सीमित होने का आरोप

विधायक ने बताया कि बंजार विधानसभा क्षेत्र में दूध खरीद को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यहां सप्ताह में केवल छह दिन दूध लिया जा रहा है और एक दिन खरीद बंद रहती है। इससे पशुपालकों के सामने दूध बेचने की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन से जुड़े हैं और उनकी रोजमर्रा की आय दूध बिक्री पर निर्भर करती है। ऐसे में खरीद व्यवस्था में रुकावट आने से परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।

प्रसंस्करण संयंत्र की क्षमता बढ़ाने की मांग

सुरेंद्र शौरी ने कहा कि बालीचौकी स्थित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र में क्षमता से अधिक दूध पहुंच रहा है। उनके अनुसार संयंत्र में आने वाले दूध की मात्रा निर्धारित क्षमता से काफी ज्यादा हो चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से क्षमता बढ़ाने और अतिरिक्त दूध के प्रबंधन के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर दूध उत्पादन बढ़ रहा है तो सरकार को पहले से तैयारी करनी चाहिए थी, ताकि पशुपालकों को अपनी मेहनत का सही लाभ मिल सके।

भुगतान में देरी से पशुपालकों की परेशानी

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कई दुग्ध उत्पादकों को दूध का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार भुगतान दो-दो महीने तक लंबित रहने से पशुपालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबित भुगतान जल्द जारी किए जाएं और पूरे प्रदेश में सप्ताह के सातों दिन दूध खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सरकार से स्थायी समाधान की मांग

सुरेंद्र शौरी ने कहा कि पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिए सिर्फ घोषणाएं काफी नहीं हैं। सरकार को खरीद व्यवस्था मजबूत करनी होगी, प्रसंस्करण केंद्रों की क्षमता बढ़ानी होगी और बाजार व्यवस्था को बेहतर बनाना होगा। उन्होंने मांग की कि बंजार सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे दुग्ध उत्पादकों को लगातार खरीद, समय पर भुगतान और उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे मजबूत करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

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